एससी कमीशन ने नगर कौंसिल संगरूर को जारी किया 15 दिन का नोटिस

नगर कौंसिल संगरूर के अधीन सेवा निभा रहे सफाई सेवकों का पिछले करीब एक दशक से प्रोविडेंट फंड (पीएफ) न मिलने का मामला भारत सरकार के एससी कमीशन के समक्ष पहुंच गया है।

JagranFri, 18 Jun 2021 04:18 PM (IST)
एससी कमीशन ने नगर कौंसिल संगरूर को जारी किया 15 दिन का नोटिस

जागरण संवाददाता, संगरूर

नगर कौंसिल संगरूर के अधीन सेवा निभा रहे सफाई सेवकों का पिछले करीब एक दशक से प्रोविडेंट फंड (पीएफ) न मिलने का मामला भारत सरकार के एससी कमीशन के समक्ष पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रांतीय कोआर्डिनेटर (सेल) जतिदर कालड़ा द्वारा की गई शिकायत पर एससी कमीशन ने नगर कौंसिल संगरूर को 15 दिन का नोटिस जारी करके इस मामले पर तुरंत एक्शन लेकर रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी है। चेतावनी दी है कि अगर 15 दिन के भीतर जवाब न दिया गया तो धारा 338 के तहत नगर कौंसिल संगरूर को समन जारी किए जाएंगे व कार्रवाई की जाएगी।

नगर कौंसिल संगरूर के करीब 170 सफाई सेवकों का पिछले एक दशक के पीएफ की राशि दस करोड़ रुपये व ब्याज राशि मिलाकर करीब 14 करोड़ रुपये होगी।

भारतीय जनता पार्टी के प्रांतीय कोआर्डिनेटर (सेल) जतिदर कालड़ा ने बताया कि सफाई सेवकों के वेतन का करीब दस फीसद हिस्सा पीएफ के रूप में पिछले नौ-दस वर्ष से काटा जा रहा है। दस फीसद हिस्सा ही सरकार की तरफ से पीएफ के हिस्से के रूप में मुलाजिम के पीएफ खाते में जमा करवाना होता है, जिस पर 8.4 फीसद ब्याज लगता है। नगर कौंसिल संगरूर दस वर्ष से मुलाजिमों के वेतन से दस फीसद हिस्सा काट रही है, जबकि अपना हिस्सा जमा नहीं करवा रही। कई मुलाजिम सेवामुक्त हो चुके हैं व कईयों की मौत भी हो चुकी है। अज्ञानता के कारण सफाई सेवकों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं है, जिस कारण हर मुलाजिमों को पीएफ के रूप में लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।

उन्होंने एससी कमीशन भारत सरकार के पास 30 मई को इस संबंधी शिकायत भेजी, जिस पर आयोग ने नगर कौंसिल संगरूर को सख्त फटकार लगाते हुए 15 दिन के भीतर इस पर कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजने की हिदायत दी।

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अभी नहीं मिला एससी कमीशन का नोटिस नगर कौंसिल के कार्यसाधक अफसर रमेश कुमार ने कहा कि नगर कौंसिल के सफाई सेवकों की अपनी मांगों की पूर्ति के लिए हड़ताल लगातार जारी है। एससी कमीशन की तरफ से अभी तक कोई नोटिस नगर कौंसिल को प्राप्त नहीं हुआ है। अगर नोटिस कौंसिल को मिलता है तो उन पर नियमों अनुसार बनती कार्रवाई करके रिपोर्ट भेज दी जाएगी। पीएफ जमा न होने का मामला कई वर्षों पुराना है।

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