हड़ताल पर सफाई सेवक, सड़कों पर फैली गंदगी

नियमित करने की मांग को लेकर नगर कौंसिल संगरूर के सफाई सेवक हड़ताल पर चल रहे हैं।

JagranThu, 09 Dec 2021 04:20 PM (IST)
हड़ताल पर सफाई सेवक, सड़कों पर फैली गंदगी

जागरण संवाददाता, संगरूर : नियमित करने की मांग को लेकर नगर कौंसिल संगरूर के सफाई सेवकों ने एक बार फिर से अनिश्चितकालीन कलमछोड़ हड़ताल शुरू कर दी है। वीरवार को पहले दिन शहर में सफाई का काम ठप रखा गया। शहर के 27 वार्डों में से कूड़़ा इकट्ठा नहीं किया गया, वहीं मुख्य डंपों पर भी कूड़े के ढेर लगे है। हड़ताल के कारण अगले दिनों में शहर निवासियों की कड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सफाई सेवकों ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि नगर कौंसिल संगरूर में 31 सर्फाइ सेवक गत 10 वर्षों से मोहल्ला सुधार कमेटी के तहत काम कर रहे हैं, किंतु इन्हें अभी तक पक्का नहीं किया गया है। सरकार ने अभी 36 हजार मुलाजिम पक्का करने का एलान किया था, जिसके तहत यह सफाई सेवक भी अपनी शर्तें पूरी करते हैं, लेकिन सरकार ने इन्हें इस लाभ में शामिल नहीं किया। सफाई सेवक पक्का होने के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे है।

पंजाब सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते सफाई मजदूर यूनियन के जिलाध्यक्ष भरत बेदी ने कहा कि वर्ष 2012 में नगर कौंसिल संगरूर द्वारा 117 सर्फाइ सेवकों को पक्का किया गया था, परन्तु मोहल्ला सुधार कमेटी के तहत काम करते 31 सर्फाइ सेवकों को नियमित नहीं किया। गत मई-जून दौरान की गई हड़ताल को समाप्त करवाने के लिए सरकार ने जो मांगें मानी थी, उन्हें पूरा न करके सफाई सेवकों के साथ वादाखिलाफी की है, जिस कारण उन्हें दोबारा संघर्ष के लिए मजबूर होना पड़ा है। उन्होंने कहा कि सरकार लंबे समय से सफाई मजदूरों की जायज मांगों को अनदेखा कर रही है। पंजाब सरकार लंबे समय से कच्चे सफाई सेवकों को पक्का करने की अपनी जिम्मेवारी से भाग रही है, जबकि सफाई सेवकों ने हर मुश्किल घड़ी में आगे होकर समाज की बेहतरी के लिए काम किया है। कोरोना महामारी दौरान अपनी जान हथेली पर रखकर शहर की सफाई की। लोगों को बीमारियों से बचाया। सफाई सेवकों की कड़ी सेवाओं के बावजूद उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर भी सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो संघर्ष तेज होगा। इस मौके यूनियन के प्रधान अजय बेदी, सचिव राजेश कुमार, अजीत कुमार, सुरेश बेदी, राकेश कुमार, उषा देवी, विकी विजय अटवाल, करण बेदी, मलकीत बुंबक आदि मौजूद थे। कर्मचारियों की ये हैं मांगें

- 2014 से अब तक का सफाई सेवकों का पीएफ उनके खाते में जमा करवाने, 2004 के बाद रखे गए सफाई सेवकों को पेंशन का लाभ देने, सफाई सेवकों को सर्दी-गर्मी की वर्दी, रेहड़ियां व अन्य सामग्री देने, कच्चे सफाई सेवकों को तुरंत पक्का करने, सफाई सेवकों को तनख्वाह हर माह समय पर देने सहित अन्य मांगें पेश की गई है। गौर हो कि नगर कौंसिल की ओर से सफाई सेवकों का पीएफ तनख्वाह में से लगातार काटा जा रहा है, किंतु इनके खाते में पीएफ की राशि जमा नहीं करवाई गई है। ऐसे में करोड़ों रुपये की राशि नगर कौंसिल हड़प कर रही है। बेशक पीएफ जमा करवाने का मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास भी पहुंचा था। आयोग ने नगर कौंसिल को उक्त राशि जमा करवाने के आदेश भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद नगर कौंसिल की सुस्ती बरकरार है, जिसका खामियाजा सफाई सेवकों को आर्थिक तंगी के रूप में भुगतना पड़ रहा है। डेढ़ माह तक चली थी हड़ताल, सरकार का वादा नहीं हुआ पुरा

सफाई सेवकों द्वारा 13 मई से डेढ़ माह तक अनिश्चितकालीन हड़ताल की गई थी, जिस कारण शहर की सड़कों पर गंदगी की भरमार हो गई थी। सरकार ने बेशक सफाई सेवकों की मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाकर हड़ताल समाप्त करवा दी थी। किंतु अभी तक सरकार ने अपना वादे अनुसार मांगों को पूरा नहीं किया है। सफाई सेवकों ने अब दोबारा हड़ताल आरंभ करके एलान किया कि यदि उनकी मांगों को सरकार ने अभी भी पूरा न किया तो कड़ा संघर्ष किया जाएगा। अब मांगें पूरे होने पर हड़ताल समाप्त की जाएगी।

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