top menutop menutop menu

रूरल फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मियों ने किया संघर्ष का एलान

संवाद सहयोगी, संगरूर

पंजाब सबार्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन के राज्य प्रधान सतीश राणा, जनरल सचिव तीरथ सिंह बासी, मुख्य सलाहकार वेद प्रकाश शर्मा व वित्त सचिव मनजीत सिंह सैनी ने जत्थेबंदी की ओर से रूरल फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मचारीयों के संघर्ष में समर्थन देने का एलान किया है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इन मुलाजिमों की सेवाओं को तुरंत नियमित किया जाए। जत्थेबंदी के नेता कर्मजीत बीहला, रामजीदास, दर्शन बेलूमाजरा, सुखविदर सिंह, इंद्रजीत विर्दी ने कहा कि वर्ष 2006 में कांग्रेस सरकार के समय 1186 ग्रामीण डिस्पेंसरियों को सरकार ने जिला परिषद के हवाले करने का फैसला लिया था। जिसके तहत डिस्पेंसरियों में काम करते डाक्टरों की सेवाएं पक्की कर दी गई। लेकिन पंद्रह वर्षों से सेवाएं दे रहे फार्मेसी अफसरों व दर्जा चार कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया। उन्होंने सरकार से मांग की कि दर्जा चार कर्मचारीयों व फार्मेसी अफसरों को दोबारा सेहत विभाग में लाया जाए। ताकि लोगों को अच्छी सेहत सुविधाएं मिल सकें। साथ ही नेताओं ने यूनियन के समूह नेताओं को जिला परिषद में धरने में बैठे फार्मासिस्टों व दर्जा चार कर्मचारियों का समर्थन करने की अपील की। मौके पर बिलास हरी, गुरदीप बाजवा, निर्भय सिंह, बीरइंद्रजीत सिंह, किशोर चंद, राजिदर सिंह, गुरविदर सिंह, कृपाल सिंह, कुलदीप दौड़का, प्रेम चंद आजाद, हंसराज, अनिल कुमार, राजिदर सिंह, हरमनप्रीत कौर, रणजीत कौर, नीना जीन आदि उपस्थित थे।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.