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संगरूर में कोरोना से महिला की मौत

जागरण संवाददाता, संगरूर

लॉकडाउन के 64 दिन में सरकार की गाइडलाइन का पालन गंभीरता से करने वाले संगरूर निवासियों कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने में सफल रहे। जिसकी बदौलत 64 जिलों में मात्र 97 केस ही सामने आए थे, लेकिन अनलॉक-1 में लोग इस कदर लापरवाह हुए कि कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा पांच सौ का आंकडा पार कर गया। पहला केस लॉकडाउन के करीब बीस दिन बाद नौ अप्रैल को सामने आया था, जिसके बाद मालेरकोटला में जमाती के तौर पर आए बाहरी व्यक्तियों के कोरोना संक्रमित होने के केस सामने आए व पहले 20 केस बेहद धीमी गति से सामने आए। कितु श्री हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालुओं का जत्थे में 52 केस एक साथ कोरोना संक्रमित आने के बाद चार मई को आकड़ा 50 के पार हो गया। मई माह के अंत तक केसों का आंकडा सौ के पार हो गया व मई माह में एक समय ऐसा भी था जब भी मरीज तंदरुस्त होकर अपने घरों को लौट गए थे। मई माह दौरा केस बेहद धीमी गति से बढ़े व मरीज तंदरुस्त होकर घरों को लौटते रहे, लेकिन जून के पहले सप्ताह से ही केसों की गिनती सौ का आंकड़ा पार कर गई व 13 अप्रैल तक गिनती 147 मरीजों तक पहुंच गई। 15 जून को मालेरकोटला में 16 नए केस, 16 जून को फिर दस केस आने के बाद प्रशासन के हाथ पैर फूल गए व 18 जून को मालेरकोटला के तीन इलाकों को कंटेनमेंट जोन घोषित करके प्रशासन ने इलाके सील कर दिए। जिले में 18 जून तक पांच लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी थी। 20 जून को आंकड़ा सौ से पार होकर 207 तक पहुंच गया, जबकि मात्र चार दिन बाद 23 जून को ही मरीजं की गिनती 250 तक पहुंच गई। 24 को एक साथ ही 60 नए मामले आने के बाद गिनती तीन सौ का आकड़ा भी क्रास कर गई। 25 जून को 26 नए केसों के साथ गिनती 350 तक पहुंच गई। 27 जून से 29 जून के बीच सौ नए केस आने के बाद केसों का आंकड़ा 450 के पार हो गया। 30 जून तक केस 499 व दो जुलाई को केस 502 तक पहुंच गए। वीरवार को हुई 14वीं मौत

मालेरकोटला की 60 वर्षीय महिला की कोरोना के कारण लुधियाना के सीएमसी अस्पताल में मौत हो गई। महिला दस वर्ष से बीपी की बीमारी से जूझ रही थी। साथ ही हेपेटाइटस-बी, किडनी समस्या भी थी। 23 जून को महिला को लुधियाना के अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां सैंपल के बाद महिला की रिपोर्ट 24 जून को पॉजिटिव पाई गई। महिला को सीएमसी में रेफर कर दिया गया, जहां दो जुलाई सुबह साढ़े तीन बजे मौत हो गई। 13 लोगों की पहले हो चुकी है मौत

- दस जून को मालेरकोटला के 70 वर्षीय बुजुर्ग की पटियाला में उपचार दौरान मौत हुई थी। यह मरीज टीबी की बीमारी से पीड़ित था।

- 12 जून को मालेरकोटला की ही 52 वर्षीय महिला की मौत हुई। महिला शुगर व बीपी की बीमारी से भी पीड़ित थी, जिसे डीएमसी से शिफ्ट किया गया था।

- 13 जून को फिर 65 वर्षीय मालेरकोटला निवासी बुजुर्ग की राजिदरा अस्पताल पटियाला में मौत हुई। यह मरीज छाती में चोट आने के बाद व तेज बुखार से पीड़ित था, इलाज के लिए वह अस्पताल पहुंचा था।

- 15 दिन बाद ही 16 जून को मालेरकोटला निवासी पीआरटीसी के सेवानिवृत्त जीएम को कोविड केयर सेंटर में मौत हो गई। उसे बीपी व शूगर की भी शिकायत थी। डीएमसी में उसका सैंपल लिया गया था, जिसके बाद उसके कोविड पीड़ित होने की पुष्टि हुई थी।

- 18 जून को मालेरकोटला के नजदीकी गांव दोलोवाल की 65 वर्षीय महिला की सीएमसी लुधियाना में कोरोना से मौत हुई। महिला पेट में दर्द की तकलीफ से पीड़ित होने के कार?ा डीएमसी गई थी, जहां कोरोना टेस्ट करवाने के बाद महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

- 19 जून को मालेरकोटला की 75 वर्षीय महिला की कोरोना से मौत हुई, महिला खांसी, बुखार सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित थी।

- 21 जून को मालेरकोटला निवासी 55 वर्षीय बुजुर्ग की कोरोना से मौत हुई। यह मरीज शुगर, हार्ट अटैक व मलेरिया की बीमारी से भी पीड़ित था। उक्त बुजुर्ग की सउदी अरब में अपना व्यापार था। इसकी बाइपास सर्जरी भी हुई थी। मौत के बाद कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

- 23 जून को मालेरकोटला निवासी 65 वर्षीय सेवानिवृत्त मुख्य अध्यापक की कोरोना से मौत हुई। वह डीएमसी में वेंटिलेटर पर था। वह शुगर, बीपी, हार्ट की बीमारी से पीड़ित था।

- 24 जून को शेरपुर गांव कांझला निवासी 63 वर्षीय व्यि?त की मौत के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह सांस की बीमारी से पीड़ित था तथा डीएमसी लुधियाना में भर्ती था। डाक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे सिविल अस्पताल लुधियाना में शिफ्ट कर दिया था।

- 27 जून को मालेरकोटला की 55 वर्षीय महिला, 63 वर्षीय पुरुष, 48 वर्षीय पुरुष की मौत हो गई।

- 29 जून को मालेरकोटला के नजदीकी गांव दुलमां का 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई। केसों में हो रहे इजाफे का कारण

- सरकारी दफ्तरों, बैंक, एटीएम व ब्रांडेड स्टोरों को छोड़कर इलाके में सैनिटाइजर का नहीं प्रबंध।

- बिना मास्क के अभी भी लोगों का सड़कों पर उतरने का दौर जारी।

- बिना शारीरिक दूरी व मास्क के धरना प्रदर्शन, रैलियां इत्यादि व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आना-जाना

- कोरोना प्रभावित राज्यों में लौटने के बाद नहीं दे रहे प्रशासन को सही जानकारी।

- सेहत विभाग की लापरवाही कारण लुधियाना व पटियाला के अस्पतालों में संक्रमित हो रहे लोग।

- मालेरकोटला की तरफ बढ़ रहा लुधियाना से लोगों का आना-जाना कोरोना से बचाव हेतु हाथ धोने, मास्क बनने को बनाएं आदत

कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि किसी भी भीड़ भाड़ वाले जगह पर कतई न जाएं। बार-बार हाथ धोने, मास्क पहनकर रखने के अपनी आदत बना लें। किसी भी कंटेनमेंट जोन में जाने की गलती न करें व सेहत विभाग की बताई सावधानियों का गंभीरता से पालन करें।

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