किरत संशोधन कानून वापस लेने को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

किरत संशोधन कानून वापस लेने को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

आंगनबाड़ी मुलाजिमों द्वारा पुराने किरत कानून की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 10:32 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, मालेरकोटला (संगरूर) : आंगनबाड़ी मुलाजिमों द्वारा पुराने किरत कानून की तरह किरत कोड 2020 लागू करने का फैसला वापस लिए जाने हेतु एसडीएम विक्रमजीत सिंह पांथे को ज्ञापन सौंपा गया। आल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन के ब्लॉक प्रधान सुरिदरपाल कौर बागड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मौजूदा 44 किरत कानूनों के स्थान पर नया किरत कोड कानून लागू करने हेतु संसद में लिया फैसला निंदनीय है। यह ट्रेड यूनियनों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने नया किरत कोड कानून वापस लेने व मौजूदा किरत कानून बहाल रखने, क्योंकि यह कानून उद्योगों को तबाह कर रहा है। इस मौके पर हरप्रीत कौर, अमरजीत कौर ने कहा कि मोदी सरकार देश को बेचकर खाना चाहती है, जिसके लिए सरकार सरकारी संपति का तेजी से निजीकरण कर रही है। रेलवे, कोयला, थर्मल प्लांटों को बेचा जा रहा है, जो निंदनीय है। इस मौके ममता रानी, सत्या देवी, दुर्गा देवी आदि उपस्थित थे। किरत संशोधन कानून वापस लेने को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा संवाद सहयोगी, मालेरकोटला (संगरूर) : आंगनबाड़ी मुलाजिमों द्वारा पुराने किरत कानून की तरह किरत कोड 2020 लागू करने का फैसला वापस लिए जाने हेतु एसडीएम विक्रमजीत सिंह पांथे को ज्ञापन सौंपा गया। आल पंजाब आंगनबाड़ी मुलाजिम यूनियन के ब्लॉक प्रधान सुरिदरपाल कौर बागड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मौजूदा 44 किरत कानूनों के स्थान पर नया किरत कोड कानून लागू करने हेतु संसद में लिया फैसला निंदनीय है। यह ट्रेड यूनियनों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने नया किरत कोड कानून वापस लेने व मौजूदा किरत कानून बहाल रखने, क्योंकि यह कानून उद्योगों को तबाह कर रहा है। इस मौके पर हरप्रीत कौर, अमरजीत कौर ने कहा कि मोदी सरकार देश को बेचकर खाना चाहती है, जिसके लिए सरकार सरकारी संपति का तेजी से निजीकरण कर रही है। रेलवे, कोयला, थर्मल प्लांटों को बेचा जा रहा है, जो निंदनीय है। इस मौके ममता रानी, सत्या देवी, दुर्गा देवी आदि उपस्थित थे।

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