होली के रंगों में रंगा बाजार, आज मनाएंगे होली का जश्न

होली के रंगों में रंगा बाजार, आज मनाएंगे होली का जश्न

रविवार को सारा बाजार होली के रंगों में रंगा-सा दिखा। हालांकि छुट्टी का दिन था मगर बावजूद इसके बाजारों में रात तक खूब रौनक रही।

JagranSun, 28 Mar 2021 05:36 PM (IST)

संवाद सहयोगी, संगरूर

रविवार को सारा बाजार होली के रंगों में रंगा-सा दिखा। हालांकि छुट्टी का दिन था, मगर बावजूद इसके बाजारों में रात तक खूब रौनक रही। लोगों ने बाजारों में खूब रंगों की खरीदारी की। मनमोहक लाल, पीले, नीले, हरे, गुलाबी, परपल, आसमानी रंगों व रंग बिरंगी पिचकारियों से सजी दुकानों पर बच्चों सहित युवाओं की भीड़ लगी दिखी। सभी अपने मनपसंद रंगों को बड़े चाव से खरीद रहे थे। छोटे बच्चे भी खुद के लिए भांति भांति की पिचकारियां खरीदने में व्यस्त दिखे। शहर में अधिक भीड़ सुनामी गेट बाजार, नाभा गेट बाजार व पटियाला गेट बाजार में रही। चमड़ी रोगों के माहिरों व प्राकृतिक चिकित्सा प्रणाली के माहिरों ने लोगों को आर्गेनिक रंगों का प्रयोग करने की सलाह दी व कोविड-19 के चलते सेहत विभाग के नियमों की पालना करते हुए होला पर्व मनाने की सलाह दी।

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50 से लेकर 1000 रुपये तक की पिचकारी : सिमरजीत सिंह

सुनामी गेट रंग व पिचकारियां बेच रहे सिमरजीत सिंह ने बताया कि होली पर्व को लेकर लोगों ने शुक्रवार को ही खरीदारी करनी शुरू कर दी थी। लोग आर्गेनिक रंगों की अधिक मांग कर रहे हैं। उनकी दुकान पर 50 रुपये से लेकर 1000 रुपये की पिचकारी है। बच्चे पंप वाली पिचकारी, मोटू पतलू वाली, डोरेमोन वाली, माशा द बीयर वाली सहित पिस्टल, मछली, बैग की तरह कंधों पर टांगने वाली पिचकारी की मांग कर रहे हैं। कोविड के चलते बाजारों में थोड़ी भीड़ कम है। लोग आर्गेनिक लाल रंग की डिमांड अधिक कर रहे हैं। इसके साथ युवा पानी वाले गुब्बारे पानी में घोलने वाले रंगों की भी खरीद कर रहे हैं।

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हर्बल रंगों से फ्रेंडली होली मनाएं : डा. भंडारी

स्टेट अवार्डी व धनवंतरी अवार्ड से सम्मानित प्राकृतिक चिकित्सक डा. हरप्रीत सिंह भंडारी ने कहा कि रंगों का त्योहार होली में भी केमिकल की मिलावट हो चुकी है। इस समय बाजार में जो रंग बिक रहे हैं, उनमें अधिकतर केमिकल के इस्तेमाल से बने हैं, जिनसे आंखों की रोशनी जाने के अलावा त्वचा कैंसर तक हो सकता है। किसी जमाने में होली फूलों और प्राकृतिक मेहंदी, हल्दी आदि से बनाए रंगों से खेली जाती थी, लेकिन अब इन रंगों की जगह केमिकल ने ले ली है। कुछ सालों से बाजार में ऐसे भी रंग बिक रहे हैं, जिनमें कांच का चूरा तक पाया जाता है। ऐसे में जरूरी है कि होली के रंग खरीदते समय व इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियां बरती जानी चाहिए। ------------------- केमिकलयुक्त रंगों से न खेले होली अगर आपको लगता है कि आप पर केमिकल रंगों का इस्तेमाल हो सकता है, तो कुछ सावधानियां बरतें। होली खेलने से पहले पूरे शरीर और बालों में तेल लगा लें, नाखूनों को नुकसान से बचाने के लिए नेल पेंट लगा लें। सुरक्षित चश्में लगाकर ही होली खेलें। अगर शरीर के किसी हिस्से में चोट लगी हो तो उसे अच्छी तरह ढक कर रखें।

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होली पर हर्बल रंग बनाएं

अगर आप होली के रंग घर पर बनाना चाहते हैं तो लाल रंग चंदन, गुड़हल से मिलाकर बनाया जा सकता है। हरा रंग मेहंदी, पालक, धनिया, हरी पत्तियां सुखाने के बाद पीसकर बनाएं। पीला रंग हल्दी, बेसन से मिलाकर बनाएं। इन रंगों की मात्रा बढ़ाने के लिए आटे का प्रयोग कर सकते हैं। बाजार में इन दिनों हर्बल रंग भी उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल करके सुरक्षित होली मनाई जा सकती है।

------------------ कोविड-19 व सेहत का ध्यान रख मनाएं होली : डा. नवदीप कुमार

चमड़ी रोगों के माहिर डा. नवदीप कुमार ने बताया कि होली के केमिकल युक्त रंग जहां चमड़ी रोग, स्किन कैंसर का कारण बनते हैं वहीं अस्थमा के रोगियों के लिए भी मौत का कारण बन सकते हैं। अस्थमा रोगियों को हवा में उड़ रहे केमिकल युक्त रंगों से दूर ही रहना चाहिए। कोविड -19 के चलते भी इस बार अधिक सावधानी रखने की जरूरत है। जिसको जुकाम, खांसी, बुखार है वह परिवार व खुद की सुरक्षा के लिए लोगों दूरी बनाकर रखे।

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