प्रकाश पर्व पर सजाया कीर्तन दरबार

प्रकाश पर्व पर सजाया कीर्तन दरबार

श्री गुरु नानक देव जी के चरण स्पर्श गुरुद्वारा श्री चरण कंवल साहिब में प्रथम पातशाही जी को समर्पित महान कीर्तन दरबार करवाया गया।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:39 PM (IST) Author: Jagran

जागरण टीम, रूपनगर, कीरतपुर साहिब : श्री गुरु नानक देव जी के चरण स्पर्श गुरुद्वारा श्री चरण कंवल साहिब में प्रथम पातशाही जी को समर्पित महान कीर्तन दरबार करवाया गया। श्री केसगढ़ साहिब जी की छत्रछाया के नीचे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा इस प्रोग्राम में सिंह साहिब ज्ञानी रघुवीर सिंह के अलावा सिख पंथ से जुड़ी हुई प्रभावशाली शख्सियतों ने इस कीर्तन दरबार में अपनी हाजिरी लगवाई। गुरुद्वारा साहिब के बगल में सुंदर पंडाल सजा कर श्री गुरु ग्रंथ साहब जी को सुशोभित किया गया तथा प्रोग्राम का आगाज करते हुए श्री दरबार साहिब से विशेष रूप में पहुंचे पूर्व हेड ग्रंथी जसविदर सिंह ने नानक नाम लेवा संगत को श्री गुरु नानक देव जी के जीवन काल के प्रति विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। इसके बाद भाई संदीप सिंह, श्री गुरु हर राय साहिब गुरमत संगीत अकादमी के कीर्तनी जत्थे द्वारा कीर्तन करते हुए लोगों को गुरु शब्द से जोड़ रखा। इस दौरान सिंह साहिब ज्ञानी रघुवीर सिंह जी ने उपस्थित संगत को संबोधन करते हुए श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की बधाई दी तथा उनके बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी ने संगत को काम करने, नाम जपने तथा बांटकर खाने का उपदेश दिया था। जो पूरी सिख कौम के लिए गौरवमई इतिहास है। उनके बताए पद चिन्हों पर चलने पर व्यक्ति का जीवन आनंदमई हो जाता है। वहीं मृत्यु के पश्चात मोक्ष प्राप्त होता है। इस मौके सिंह साहिब ज्ञानी रघुवीर सिंह ने विशेष रूप में पहुंचे प्रसिद्ध दरगाह पीर साईं बुड्ढण शाह के सेवक इम्तियाज बिट्टू शाह के अलावा प्रसिद्ध कथावाचक तथा रागी जत्थों को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया। अंत में सभी शख्सियतों द्वारा सिंह साहिब का भी सम्मान किया गया। इस मौके हेड ग्रंथि भाई फूला सिंह, मैनेजर तख्त श्री केसगढ़ साहिब गुरदीप सिंह कंग, मैनेजर हरप्रीत सिंह, हरदेव सिंह हैप्पी, अजमेर सिंह खेड़ा, अमरजीत सिंह चावला, सुरेंद्र सिंह राजा, अजायब सिंह , राम सरुप सिंह, कुलविदर सिंह देहनी, तेजिदर सिंह पप्पू, खुशहाल सिंह बरूवाल, तेजवीर सिंह जागीरदार, विजय बजाज, ज्योति प्रसाद उपस्थित थे।

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