मास्टर राणा की मेहनत रंग लाई, आठ नौजवानों ने सेना में नौकरी पाई

मास्टर राणा की मेहनत रंग लाई, आठ नौजवानों ने सेना में नौकरी पाई

चंगर इलाके के नौजवान जो पढ़ने लिखने में रुचि रखते हैं मगर वह सुविधा संपन्न होने की वजह से उच्च ट्रेनिग सेंटरों में पढ़ नहीं पाते ऐसे नौजवानों के लिए समाजसेवी मास्टर सुरजीत सिंह राणा किसी मसीहा से कम नहीं हैं।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 04:11 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, आनंदपुर साहिब: चंगर इलाके के नौजवान जो पढ़ने लिखने में रुचि रखते हैं, मगर वह सुविधा संपन्न होने की वजह से उच्च ट्रेनिग सेंटरों में पढ़ नहीं पाते, ऐसे नौजवानों के लिए समाजसेवी मास्टर सुरजीत सिंह राणा किसी मसीहा से कम नहीं हैं। राणा ने हाल ही में पिछड़े इलाके के आठ नौजवानों को ट्रेनिग देकर भारतीय सेना में भर्ती होने के लायक बनाया है। सेना में भर्ती के लिए लिखित पेपर में मुफ्त तैयारी करवाए जाने के बाद 42 से अधिक नौजवान भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे हैं। मास्टर सुरजीत सिंह राणा ने बताया कि वह पिछले 10 साल से नौजवानों को लिखती पेपर की तैयारी करवा रहे हैं और यह पहली बार हुआ है, जब नौ नौजवानों ने रिटन पेपर पास करने में सफलता प्राप्त की है। जिन नौजवानों का कोरोना महामारी के पहले हुए ट्रायल में फिजिकल क्लीयर हो गया था, को लिखित पेपर की आफलाइन तैयारी करवाने में समस्या आ रही थी। इन सभी को आनलाइन तैयारी करवाई गई। गांव नानोवाल के मास्टर सुरजीत सिंह राणा शिक्षा विभाग में ईटीटी अध्यापक हैं और इस समय अपने गांव के सरकारी प्राइमरी स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अब तक वह 42 नौजवानों को सेना में भर्ती करवाने में सफल हो चुके हैं।

जिन नौजवानों ने फौज में भर्ती होने का लिखित पेपर पास किया, उनमें जसविदर सिंह गांव जोल, चरणजीत सिंह गांव वडाला जिला ऊना, कृष्ण कुमार गांव धरोट, बलजिदर सिंह गांव गाजपुर, सौरभ कुमार गांव नरोट, कुलवंत सिंह गांव नीला, विजय कुमार गांव धरोट, शुभम कुमार गांव मिउट के रहने वाले हैं। नानोवाल गांव की सरपंच के पति बुद्ध सिंह ने कहां के मास्टर सुरजीत सिंह का समाजसेवी कार्यों में डाले अहम योगदान पर हमें गर्व है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के नौजवान हमसे शिक्षा प्राप्त है देश की जहां सेवा कर रहे हैं और अपने परिवार के लिए सहारा बन गए हैं।

मास्टर सुरजीत बाकी अध्यापकों के लिए बन रहे हैं प्रेरणा स्त्रोत: बीपीईओ रमेश कुमार धीमान ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अफसर रमेश कुमार धीमान ने कहा कि मास्टर सुरजीत सिंह राणा के समाज भलाई के कार्य शिक्षा विभाग के बाकी अध्यापकों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उनके स्कूल का नतीजा हमेशा ही बढि़या रहता है। प्रत्येक वर्ष उनके द्वारा तैयार किए बच्चे नवोदय स्कूल में प्रवेश पा रहे हैं। भर्ती के लिए पैसे न दें, ठगों से बचें: राणा मास्टर सुरजीत सिंह राणा ने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए मेहनत ही एक हथियार है। जो भी नौजवान उनके पास पढ़कर सेना में भर्ती हुए हैं, उन्होंने हमेशा ही मेहनत का ही पल्ला पकड़ा। जो समाज विरोधी तत्व बेरोजगार नौजवानों व माता-पिता से सेना में भर्ती करवाने के लिए लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं, वह एक तरह का जुआ खेलते हैं। इसलिए हमेशा ही मेहनत पर विश्वास रखना चाहिए।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.