पीडब्ल्यूडी पर बिना परमिशन काम करवाने का आरोप

माल रोड की राजिदरा लेक के सुंदरीकरण करने का प्रोजेक्ट पिछले लंबे समय से चल रहा है।

JagranPublish:Sun, 01 Aug 2021 12:57 AM (IST) Updated:Sun, 01 Aug 2021 12:57 AM (IST)
पीडब्ल्यूडी पर बिना परमिशन काम करवाने का आरोप
पीडब्ल्यूडी पर बिना परमिशन काम करवाने का आरोप

जागरण संवाददाता, पटियाला : माल रोड की राजिदरा लेक के सुंदरीकरण करने का प्रोजेक्ट पिछले लंबे समय से चल रहा है। पर वाटर एंड पावर कंस्लटेंसी सर्विसेस इंडिया की टीम ने इस प्रोजेक्ट के कुछ काम में कमियां निकाली है। टीम के सदस्यों ने राजिदरा लेक का जायजा लिया। इस दौरान लेक में करवाए फिलिग आफ ज्वाइंट इन स्टोन पीचिग ( लेक पर लगाए पत्थरों में पड़े स्पेस को भरने का काम ) का काम बिना मंजूरी के करवाने का मामला सामने आया। सूत्र बताते है कि इस काम को करने में चार से छह लाख रुपये खर्च किया गया है। जिसके बाद टीम ने पीडब्ल्यूडी विभाग से जवाब तलबी की गई। टीम ने पीडब्ल्यूडी महकमे द्वारा लेक पर करवाए स्टोन पीचिग के काम से संबंधित दस्तावेजों मंगवाए है। हालांकि दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी अधिकारी इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बिना परमिशन के कोई भी काम नहीं करवाया गया। क्या है मामला

राजिदरा लेक का सुंदरीकरण का काम पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा लेक को नगर निगम को हैंडओवर किया जाना है। पर इससे पहले लेक के चारों तरफ लगाए पत्थरों के बीच स्पेस भरने का काम विभागीय अधिकारियों द्वारा करवाया गया था। सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने यह काम बिना किसी परमिशन के करवाया। जिसके चलते वाटर एंड पावर कंसलटेंसी सर्विसेस इंडिया ने यहां लेक पर चल रहे काम का जायजा लिया। टीम सदस्यों ने इस काम से संबंधित दस्तावेज विभागीय अधिकारियों से मांगे है। दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी विभाग के एसडीओ मयंक कांसल की लगाई गई है। कुछ दिनों पहले राजिदरा लेक की सफाई न होने के कारण मच्छलियां मरने का मामला भी सामने आ चुका है, जिसके बाद मच्छली विभाग की ओर से जारी निर्देशों पर लेक का पानी बदला गया और प्रशासन द्वारा लेक की सफाई के निर्देश जारी किए गए। बिना परमिशन कोई काम नहीं किया गया

एक्सईएन सोहन लाल गर्ग ने कहा कि राजिदरा लेक में बिना परमिशन के कोई भी काम नहीं किया गया। वाटर एंड पावर कंसलटेंसी सर्विसेस इंडिया टीम ने जायजा लिया था। दस्तावेज भी मांगे है और इन दस्तावेजों को तैयार करने के लिए संबंधित एसडीओ की ड्यूटी लगाई गई है। दस्तावेजों को टीम सदस्यों को सौंप दिए जाएंगे। यह टीम अन्य प्रोजेक्टों का जायजा लेती रहती है।