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नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद भी अपग्रेड नहीं हुए जैमर

नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद भी अपग्रेड नहीं हुए जैमर
Publish Date:Sun, 05 Jul 2020 11:28 PM (IST) Author: Jagran

जासं, पटियाला : नाभा जेल ब्रेक कांड के बाद मेक्सिमम सिक्योरिटी जेल को स्पेशल फोर्स और हथियार तो मिले लेकिन घटना के चार साल बीत जाने के बाद भी जैमर अपग्रेड नहीं हो सके। जेल में थ्री नेटवर्क जाम करने वाले जैमर ही लगे हैं। ऐसे में जेलों में लगे यह जैमर 4जी नेटवर्क जाम करने में फेल साबित हो रहे हैं। 2016 में अपराधियों ने जेल में मोबाइल पर ही भागने की योजना तैयार की थी।

टेलीकॉम कंपनी की ओर से मोबाइल सर्विस बेहतर करते हुए फास्ट इंटरनेट के लिए 4जी लांच किया था और 5जी व 6जी की तैयारी चल रही है लेकिन आज भी मेक्सिमम सिक्योरिटी जेल में 3जी नेटवर्क जाम करने वाला जैमर ही लगा है। सिस्टम अपग्रेड न होने कारण जेल में गैंगस्टर और तस्कर धड़ल्ले से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने कर रहे हैं। हाल ही में जेल में से 10 दिन के अंदर 15 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए है।

जेलों को हथियार मिले लेकिन जैमर नहीं

नाभा जेल ब्रेक की घटना के बाद जिले की चारों जेलों मेक्सिमम सिक्योरिटी जेल, नई जेल नाभा, ओपन जेल नाभा और सेंट्रल जेल पटियाला को कुल 200 आधुनिक हथियार मिले थे। इनमें एलएमजी (लाइट मशीनगन), एसएलआर, रिवाल्वर- पिस्टल आदि शामिल हैं। इसके अलावा चारों जेलों में 62 नए मुलाजिमों को तैनात किए हैं। मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल नाभा में 40, नई जिला जेल नाभा में 7, सेंट्रल जेल पटियाला जेल में 11 और ओपन जेल नाभा में 4 नए पुलिस मुलाजिम लगाए थे। आधुनिक हथियारों से लैस इनके लिए हथियार चलाने के अभ्यास से लेकर शारीरिक फिटनेस के पूरे इंतजाम किए गए थे। वहीं दूसरी तरफ जेल के जैमर की संख्या बढ़ाने कोई काम नहीं हो पाया साल 2012 में मेक्सिमम सिक्योरिटी जेल में 6 जैमर लगाए गए थे, जबकि इस समय जेल में आठ जैमर लगे हैं। हालात हैं यह है कि इन जैमरों को अपडेट नहीं किया गया।

सेंट्रल जेल में नहीं लगे हैं जैमर

मेक्सिमम सिक्योरिटी जेल के अलावा अन्य किसी भी जेल में जैमर नहीं लगे हैं। जैमरों को अपग्रेड करने के लिए अधिकारियों ने कई बार लिखा है लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। अकाली दल की सरकार के समय से इस पर जद्दोजहद चल रही है लेकिन जैमर अपडेट नहीं किए जा सके हैं। वहीं पूछने पर जेल अधिकारियों ने कहा कि सीनियर अफसरों को लिखा जा चुका है, अब सरकार के लेवल पर फैसला रूका हुआ है।

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