हर जिले में हर माह लगेंगे रोजगार मेले : सीएम

हर जिले में हर माह लगेंगे रोजगार मेले : सीएम

डोर टू डोर रोजगार और व्यवसाय मिशन को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री कै. अमरिदर सिंह ने सोमवार को स्थानीय मिनी सचिवालय से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार ऋण मेले का उद्घाटन किया।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 12:11 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, पटियाला : डोर टू डोर रोजगार और व्यवसाय मिशन को बढ़ावा देते हुए मुख्यमंत्री कै. अमरिदर सिंह ने सोमवार को स्थानीय मिनी सचिवालय से बड़े पैमाने पर स्वरोजगार ऋण मेले का उद्घाटन किया। विशेष ऋण मेलों की एक श्रृंखला जिसमें एक लाख 70 हजार युवाओं को विभिन्न बैंकों से स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया गया था, के तहत सोमवार को यहां राज्य भर में 1000 लाभार्थियों को ऋण अनुमोदन प्रमाण पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने पटियाला में पांच लाभार्थियों गुरदीप कौर, राजिदर सिंह, सीमा रानी, बेबी रानी और हरजीत सिंह को प्रमाणपत्र सौंपे।

इस मौके कै. अमरिदर सिंह ने कहा कि मार्च 2017 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से 15 लाख से अधिक युवाओं को निजी, सरकारी क्षेत्र में नौकरियों और स्वरोजगार के लिए योग्य बनाया गया है। इस अवधि में 8.8 लाख युवाओं को स्वरोजगार दिया गया, जबकि 5.69 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में और 58,258 युवाओं को सरकारी क्षेत्र में रोजगार मिला। उन्होंने घोषणा की कि हर महीने प्रत्येक जिले में दो नौकरी मेले आयोजित किए जाएंगे और एक लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा करने के लिए, सरकारी नौकरियों के लिए नियमित विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों की कमी के मद्देनजर जहां सेवानिवृत्ति के कारण हर साल केवल 13000 पद खाली होते हैं। कांग्रेस सरकार ने युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने के लिए सरकारी नौकरियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु कम कर दी है। राज्य में 15 डिग्री कालेज और 18 आइटीआइ स्थापित किए जा रहे हैं। आइएमए, ओटीए, वायु सेना अकादमी, नौसेना अकादमी में भर्ती के लिए युवाओं को तैयार करने के लिए होशियारपुर में एक सशस्त्र बल तैयारी संस्थान स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।

भारत सरकार द्वारा पोस्ट मैट्रिकुलेशन एससी छात्रवृत्ति योजना को बंद करने के कारण कुछ शैक्षणिक संस्थानों द्वारा छात्रों की डिग्री वापस लेने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा डिग्री नहीं देने वाले संस्थानों को मान्यता दी जाएगी।

अमृतसर के एक दिव्यांग युवक विक्रमजीत सिंह, जिन्हें जिम के लिए छह लाख रुपये का कर्ज मिला था, जालंधर के समीर जिन्हें 10 लाख रुपये और संगरूर के प्रदीप सिंह को सिगापुर से वापस आया था, जिन्हें डेयरी प्रोजेक्ट के लिए 14 लाख रुपये का कर्ज मिला था।

रोजगार सृजन और प्रशिक्षण मंत्री, चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जो युवा कानूनी रूप से विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए काउंसलिग सेवाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं ताकि उन्हें धोखेबाज एजेंटों द्वारा शोषण से बचाया जा सके।

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