विद्यार्थियों से एफिडेविट लेने के बाद भी यूनिवर्सिटी कार्रवाई करने से टल रही

पंजाबी यूनिवर्सिटी की सैलरी वाली कंप्यूटर लैब के एक क्लर्क द्वारा तीन विद्यार्थियों से एडमिशन करवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में यूनिवर्सिटी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

JagranTue, 30 Nov 2021 04:52 AM (IST)
विद्यार्थियों से एफिडेविट लेने के बाद भी यूनिवर्सिटी कार्रवाई करने से टल रही

जागरण संवाददाता, पटियाला : पंजाबी यूनिवर्सिटी की सैलरी वाली कंप्यूटर लैब के एक क्लर्क द्वारा तीन विद्यार्थियों से एडमिशन करवाने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में यूनिवर्सिटी ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। इसके चलते यह मामला लटकता नजर आ रहा है। हालांकि यह मामला पिछले कुछ दिनों से यूनिवर्सिटी मुलाजिमों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर यूनिवर्सिटी अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मुलाजिम से जवाब तलबी के लिए 15 दिन का समय दिया गया है, जिसके बाद कार्रवाई होगी। क्या है मामला

पंजाबी यूनिवर्सिटी की सैलरी वाली कंप्यूटर लैब में काम करने वाले क्लर्क ने तीन विद्यार्थियों जिनमें सरबजीत सिंह, अर्शदीप सिंह व प्रदीप कुमार से अलग-अलग कोर्सों में एडमिशन करवाने के नाम पर करीब डेढ़ लाख रुपये वसूल किए। इस दौरान क्लर्क ने हास्टल में कमरे की फर्जी अलाटमेंट की लिस्ट तक विद्यार्थियों के हाथ में थमा दी। पर बाद में एडमिशन न होने पर विद्यार्थियों को इस फ्राड का पता चला। इसके बाद तीनों विद्यार्थियों ने वीसी को लिखित में शिकायत देकर संबंधित क्लर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। पर मामला फिलहाल लटकता नजर आ रहा है। क्योंकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले पर अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की। स्टूडेंट्स से लिए एफिडेविट

एडमिशन करवाने के नाम पर रिश्वत लेने के मामले पर कार्रवाई करने का भरोसा देकर पंजाबी यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों पहले विद्यार्थयों से 12 नवंबर को एफिडेविट तक लिए थे। ताकि संबंधित क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। विद्यार्थियों द्वारा यूनिवर्सिटी अधिकारियों को दिए एफिडेविट में तीनों शिकायतकर्ता ने क्लर्क के साथ पैसे के लेनदेन के बारे में पूरी जानकारी दी। पर हैरानी इस बात की है कि नवंबर महीना भी खत्म होने को आ गया है। पर यूनिवर्सिटी ने संबंधित कलर्क के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया। -----------

क्लर्क को 15 दिन का समय दिया गया है। जवाब देने के बाद क्लर्क पर अगली कार्रवाई होगी। रजिस्ट्रार ने माना कि विद्यार्थियों से कार्रवाई के हित में एफिडेविट लिए गए।

-डा. वरिदर कौशिक, रजिस्ट्रार, पंजाबी यूनिवर्सिटी।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.