शाहपुरकंडी में पांच क्विंटल कम पहुंची गेहूं: जीओजी

उन्होंने कहा कि लाभ पात्रों के हिसाब से डिपो होल्डर की 266.5 क्विटल गेहूं बनती है लेकिन डिपो होल्डर के पास 271.5 क्विटल गेहूं मिली। इस हिसाब से पांच क्विटल का नुकसान हुआ है।

JagranMon, 29 Nov 2021 11:38 PM (IST)
शाहपुरकंडी में पांच क्विंटल कम पहुंची गेहूं: जीओजी

संवाद सहयोगी, जुगियाल: सुजानपुर और धार ब्लाक के कुछ डिपूओं में नीले कार्ड होल्डरों लिए आ रही गेहूं कभी कम तो कभी ज्यादा निकल रही है। इसके चलते जीओजी टीम हर डिपो होल्डर के पास अपनी मौजूदगी में गेहूं बंटवा रही है। गांव शाहपुरकंडी में जीओजी के हेड सूबेदार मेजर सिकंदर सिंह पठानिया ने बताया कि शाहपुरकंडी में 310 लाभ पात्र हैं, जिनको सोमवार को गेहूं बांटी गई है। गेहूं गरीब कल्याण योजना के तहत हर नीले कार्ड होल्डर के सदस्य को 25 किलोग्राम डिपो होल्डर की ओर से बांटा जाता है। उन्होंने कहा कि लाभ पात्रों के हिसाब से डिपो होल्डर की 266.5 क्विटल गेहूं बनती है, लेकिन डिपो होल्डर के पास 271.5 क्विटल गेहूं मिली। इस हिसाब से पांच क्विटल का नुकसान हुआ है।

गांव समानु में जीओजी हेड कैप्टन करण सिंह गुलेरिया ने बताया गेहूं की डिपो में वजन करने पर 44 किलो, 39 किलो 40 किलो व 49 किलोग्राम गेहूं पाई गई। कहीं ना कहीं इस पर कोई गड़बड़ जरूर है, जिसके लिए अपने उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है। एफसीआइ दीनानगर से सीधा आता है गेहूं: इंस्पेक्टर

इस संबंध में जब सिविल फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर रविद्र कुमार से बात की गई तो उन्होंने अपने विभाग का पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह जो गेहूं डिपो में जाती है वह हमारे पास सीधी एफसीआइ विभाग दीनानगर से आती है। हर डिपो के हिसाब से अकेले-अकेले डीपो के लिए पूरी गेहूं एक साथ कंडे पर तोली जाती है। उसी हिसाब से हर डिपो में उसको भेजा जाता है। अगर कोई भी ढुलाई करने वाला व्यक्ति डिपो होल्डर से पैसे की मांग करता है तो उसकी शिकायत सीधे विभाग में की जाए जिस पर अवश्य कार्रवाई होगी।

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