जागरण प्रभाव : हादसे रोकने को चमरोड़ पत्तन के 600 मीटर एरिया में की जा रही तारबंदी

दैनिक जागरण की ओर से 13 सितंबर को प्रशासन के पास गोताखोर नहीं हर माह तीन लोग डूबने से मर रहे हेडिग से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें चमरोड़ पत्तन में हो रहे हादसे को भी जिक्र किया था। खबर में हादसे के कारणों को भी बताया गया था। डीएफओ राजेश गुलाटी ने इसे देखते हुए यहां पर तारबंदी के आदेश दिए हैं।

JagranFri, 24 Sep 2021 05:09 AM (IST)
जागरण प्रभाव : हादसे रोकने को चमरोड़ पत्तन के 600 मीटर एरिया में की जा रही तारबंदी

राजीव शर्मा, दुनेरा : प्रशासन को गोताखोर तो नहीं मिला, लेकिन हादसे को रोकने के लिए जरूर सकारात्मक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में वन विभाग की ओर से मिनी गोवा के नाम से प्रसिद्ध चमरोड़ पत्तन में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तारबंदी की जा रही है। साथ ही पर्यटकों को जागरूक करने के लिए कई जगहों पर सूचना बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं।

दैनिक जागरण की ओर से 13 सितंबर को प्रशासन के पास गोताखोर नहीं, हर माह तीन लोग डूबने से मर रहे हेडिग से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें चमरोड़ पत्तन में हो रहे हादसे को भी जिक्र किया था। खबर में हादसे के कारणों को भी बताया गया था। डीएफओ राजेश गुलाटी ने इसे देखते हुए यहां पर तारबंदी के आदेश दिए हैं। डीएफओ ने बताया कि जिले में गोताखोर की नियुक्ति के बारे में वह कुछ नहीं कह सकते। यह सरकार के अधीन है। हादसे पर रोक लगाने के लिए हम जरूर काम कर सकते हैं। जंगलात विभाग की धार रेंज में विशेष कदम उठाकर दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। लगभग 600 मीटर के क्षेत्र में तारबंदी की जाएगी और यहां अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्र में भी वन विभाग तारबंदी के बीच लाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंधी कार्य शुरू हो चुका है एवं बहुत जल्द इस कार्य को संपूर्ण रूप से पूरा कर लिया जाएगा।

रेंज अधिकारी धार कलां अश्विनी शर्मा व रेंज अधिकारी चमरोड़ पर्यटन स्थल मुकेश वर्मा ने बताया कि राज्य भर से पर्यटक झील के किनारे का लुत्फ उठाने के लिए आए दिन वहां पर आते हैं, लेकिन कई बार पत्तन पर सेल्फी लेने के चक्कर में लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। डूबने से उसकी मौत भी हो जाती है। इसे रोकने के लिए हरदोसरन क्षेत्र से लेकर चमरोड़ पत्तन के क्षेत्र में झील के साथ-साथ तारबंदी की जा रही है। पर्यटक भी रहे सतर्क: डीएफओ

डीएफओ राजेश गुलाटी ने बताया कि पर्यटकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। झील के उस एरिया में न जाएं जहां पर खतरा अधिक हो। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए उक्त क्षेत्र में तारबंदी करने का फैसला किया गया है।

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