कीड़ी और मकौड़ा पत्तन पर बनने वाले पुलों को राज्य सरकार ने नहीं दी मंजूरी

भाजपा के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर विकास कार्य में अड़ंगा लगा रही है। केंद्र सरकार की ओर से करवाए जा रहे कार्य को भी अपना बता रही है।

JagranFri, 22 Oct 2021 06:04 AM (IST)
कीड़ी और मकौड़ा पत्तन पर बनने वाले पुलों को राज्य सरकार ने नहीं दी मंजूरी

नवीन कुमार, दीपक कुमार, पठानकोट: गुरदासपुर और पठानकोट जिले में रावी दरिया पर बनने वाले दो हाई लेवल ब्रिज के निर्माण में राज्य सरकार ने अड़ंगा लगा दिया है। 18999.15 लाख रुपये की लागत से कीड़ी और मकौड़ा पत्तन पर दो पुल बनाए जाने थे, लेकिन राज्य सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसकी असली वजह क्रेडिट वार को माना जा रहा है। भाजपा ने इसकी कड़ी आलोचना की है। बता दें कि पुल बनाने के लिए 75 फीसद राशि केंद्र सरकार ने जारी करनी थी, जबकि 25 फीसद राशि राज्य सरकार ने जारी करनी थी। राज्य सरकार ने खजाना खाली होने का हवाला देकर पुल के निर्माण पर रोक लगा दी है।

दरअसल, बरसात के दिनों में अकसर मकौड़ा और कीड़ी पत्तन के पार रहते गांवों के लोग शेष पंजाब से कट जाते हैं। उनके लिए सिर्फ किश्ती ही एकमात्र सहारा रह जाती है। मकौड़ा पत्तन पर हर साल पैंटून पुल डाला जाता है, जबकि कीड़ी पत्तन पर पिछले दस साल से खनन के कारण पैंटून पुल नहीं डाला जा रहा है। दरिया से सटे गांवों के लोगों को पठानकोट आने के लिए 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है। गांव के लोग इसको लेकर लगातार राजनीतिक नुमाइंदों के पास चक्कर लगा रहे थे। सांसद सन्नी देओल ने पुल निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के पास यह मुद्दा उठाया था। 20 जुलाई 2021 को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से पंजाब में मंजूर किए गए पुल की जानकारी दी थी।

केंद्र सरकार ने पांच पुल को बनाने की दी थी मंजूरी

केंद्र सरकार ने पांच पुल को बनाने की मंजूरी दी थी। इसमें पटियाला पिहोवा रोड का अपग्रेडेशन, संगरूर की चार लेनिग इंटरनल बायपास, रूपनगर घनौली-नालागढ़ सड़क, गुरदासपुर में मकौड़ा पत्तन पर पुल, पठानकोट में कीड़ी पत्तन पर पुल का निर्माण कार्य शामिल थे। वहीं राज्य सरकार ने इसमें से तीन पुलों को मंजूरी दे दी। केवल मकौड़ा और कीड़ी पत्तन पर पुल को मंजूरी नहीं मिली। मकौड़ा पर 880 मीटर बनना है ब्रिज

गुरदासपुर क्षेत्र में रावी नदी पर मकौड़ा पत्तन पर लिक रोड के साथ पुल बनाया जाना है। इसमें 880 मीटर ब्रिज व 5.85 किमी रोड शामिल है। इसपर अनुमानित लागत 10047. 68 है। इसी प्रकार कीड़ी पत्तन पर 800 मीटर ब्रिज व 2.40 किलोमीटर रोड का निर्माण किया जाना है। इसपर कुल अनुमानित लागत 8952.47 लाख रुपये है। भाजपा ने कहा- क्रेडिट के लिए राज्य सरकार जानबूझ कर विकास कार्य में लगा रही अड़ंगा

भाजपा के जिला अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार जानबूझकर विकास कार्य में अड़ंगा लगा रही है। केंद्र सरकार की ओर से करवाए जा रहे कार्य को भी अपना बता रही है। दोनों पुल भाजपा के सांसद की ओर से मंजूर करवाए गए हैं, लेकिन सरकार क्रेडिट लेने के चक्कर में खजाना खाली होने का हवाला देकर इसे मंजूर करने से इंकार कर रही है, जबकि 75 फीसद राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही है। सरकार ने केवल उन्हीं कार्यो को मंजूरी दी है, जिसमें भाजपा के नुमाइंदे नहीं है। द्वेष भावना से विधायक व राज्य सरकार कार्य कर रही है।

बरसात में 20 किमी. का अधिक सफर तय करना पड़ता है

सिऊंटी, नरोट जैमल सिंह, गुगरा, मलडमा, तलूर, नडौली, नकीया, फतेहपुर, अतौर, कुलीया, मिर्जापुर, मानसिंहपुर, सुंदर चक, इत्यादि गांव के लोग बरसात के मौसम में दरिया में ज्यादा पानी होने के कारण नाव के सहारे दरिया पार पठानकोट नहीं जा पाते, क्योंकि पानी अधिक होने की सूरत में नाव नहीं चलाई जाती। मजबूरन उन्हें 20 किलोमीटर का अधिक सफर तय करना पड़ता है और वाया कोलिया, कथलौर पुल पठानकोट आना जाना पड़ता है।

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