शहीद नायक कमलजीत को नम आंखों से किया नमन

उन्होंने कहा कि इस पोस्ट पर खड़ा यह बेरी का पेड़ पाक सेना की नापाक हरकत का गवाह है जिस पर 50 वर्ष पहले पाक सेना ने दरिदगी दिखाते हुए कमलजीत का सिर कलम करके लटकाया था।

JagranSat, 04 Dec 2021 06:19 PM (IST)
शहीद नायक कमलजीत को नम आंखों से किया नमन

संवाद सहयोगी, बमियाल: 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहादत का जाम पीने वाले बीएसएफ की 20 बटालियन के वायरलेस आपरेटर नायक कमलजीत सिंह का 50वां श्रद्धांजलि समारोह बीएसएफ की 121 बटालियन के कमाडेंट एचपी सिंह सोही की अध्यक्षता में सिबल पोस्ट पर आयोजित किया गया। इसमें हलका विधायक जोगिंदर पाल मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए। इनके अलावा शहीद के भांजे आगोश कुमार, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र सिंह विक्की, मेजर वी.एस योगी, सहायक कमाडेंट बीके सिंह कम्पनी कमांडर लवजिन एमबी, शहीद कर्नल केएल गुप्ता के भाई सुरिदर गुप्ता, पुलवामा हमले के शहीद कांस्टेबल मनिन्द्र सिंह के पिता सतपाल अत्री, शहीद सिपाही दीवान चंद की पत्नी सुमित्री देवी, शहीद सिपाही जतिदर कुमार के पिता राजेश कुमार, शहीद सिपाही मक्खन सिंह के पिता हंस राज, शहीद सिपाही अश्वनी कुमार शौर्य चक्र के भाई बूई लाल, पुर्व पीपीसीसी सचिव सुरेंदर महाजन शिन्दा, मां वैशणों क्लब के प्रधान यशपाल वर्मा आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्घासुमन अर्पित किए।

सर्वप्रथम माधोपुर से आई 121 बटालियन के जवानों द्वारा शहीद नायक कमलजीत सिंह की समाधि पर शस्त्र उलटे कर बिगुल की मातमी धुन से उन्हें सलामी दी। उसके बाद मुख्यातिथि व बीएसएफ के अधिकारियों एवं अन्य मेहमानों ने शहीदी स्मारक पर रीथ चढ़ाकर शहीद को सेल्यूट किया। विधायक जोगिंदर पाल ने कहा कि शहीद नायक कमलजीत सिंह जैसे अमर बलिदानियों की बदौलत ही राष्ट्र की एकता व अखंडता बरकरार है। शहीद कमलजीत जवानों के लिए प्रेरणास्त्रोत: एचपी सिंह

कमाडेंट एचपी सिंह सोही ने कहा कि शहीद नायक कमलजीत सिंह की शहादत बीएसएफ के जवानों के लिए प्ररेणास्त्रोत है। बमियाल सेक्टर का बार्डर सुरक्षा की दृष्टि से सारे देश में मशहूर है तथा जहां पर तैनात हमारे सीमा प्रहरियों का मनोबल बहुत ऊंचा है। इनके रहते कोई भी दुश्मन हमारे देश की एकता व अखंडता को भंग करने की हिम्मत नहीं कर सकता। इनके शौर्य ने भारत का सिर हमेशा गौरव से ऊंचा रखा है। उन्होंने कहा कि देश सेवा से बढ़कर कोई पुण्य नहीँ होता तथा वह सैनिक धन्य है, जिसके भाग्य में देश की सुरक्षा करते हुए शहादत लिखी होती है। बेरी का पेड़ का पाक सेना की दरिदगी का गवाह

परिषद के महासचिव कुंवर रविन्द्र विक्की ने कहा कि शहीद नायक कमलजीत सिंह ने आखिरी गोली व अंतिम सांस तक लड़ते हुए पाक सेना को धूल चटाकर इस पोस्ट व सिबल गांव के लोगों को बचाया था, इसलिए सीमावर्ती क्षेत्र के लोग आज भी इन्हें एक मसीहा के रूप में मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस पोस्ट पर खड़ा यह बेरी का पेड़ पाक सेना की नापाक हरकत का गवाह है, जिस पर 50 वर्ष पहले पाक सेना ने दरिदगी दिखाते हुए कमलजीत का सिर कलम करके लटकाया था तथा पाक सेना आज भी ऐसी हरकतों से बाज नहीं आ रही, मगर हमारे जांबाज उसकी हर हरकत का मुंह तोड़ जबाव दे रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यातिथि व बी.एस.एफ के अधिकारियों ने शहीद के भांजे आगोश कुमार को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर प्रिसिपल जगदेव सिंह, इंस्पेक्टर सुखदेव सिंह, सरपंच सुरजीत सिंह, रणविजय सिंह, एएसआइ लक्ष्मण लाल, मास्टर तरसेम लाल आदि उपस्थित थे।

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