खाताधारकों बोले-हमारा पैसा डूब रहा

संवाद सहयोगी, पठानकोट : हिदू को-ऑपरेटिव बैंक के खाताधारक तथा शेयर होल्डर मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। आठ माह में यह पहली बार हुआ कि खाताधारक, शेयर होल्डर तथा समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि एकजुट हुए और दोपहर एक बजे बैंक के बाहर अपने वाहन तथा कुर्सियां लगाकर प्रदर्शन किया। पांच सौ से अधिक खाताधारकों के साथ हिदू बैंक संघर्ष समिति पठानकोट, व्यापार मंडल पठानकोट, पठानकोट व्यापार मंडल,जिला व्यापार मंडल, ब्राह्मण सभा पठानकोट, पठानकोट विकास मंच, पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट, मजदूर जत्थेबंदी पठानकोट, लायंस क्लब पठानकोट, खत्री युवा मोर्चा, एमइएस बिल्डर एसोसिएशन इत्यादि के पदाधिकारी तथा सदस्यगण एकत्रित हुए।

हिदू बैंक संघर्ष कमेटी के प्रधान रामपाल सैनी ने कहा कि डिफाल्टर पैसा लेकर अपने घरों में बैठे हुए है जबकि अपनी जीवन भर की जमापूंजी के लिए एक लाख से अधिक खाताधारक तथा शेयर होल्डर दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। पीएमसी बैंक मुंबई की तरह अपने पैसे डूबने के डर से सभी ने प्रदर्शन कर बैंक प्रबंधन एवं सरकार को कोसा। सासंद सनी देओल की चुप्पी पर भी रोष जताया गया। हाथों मे तख्तियां पकड़ कर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि यदि डिफाल्टरों ने बैंक की रिकवरी जल्द ही वापस न की तो वह आगामी दिनों में उनके घरों के बाहर बैठ कर इस संघर्ष को शुरू कर देंगे। मौके पर बैंक प्रबंधन की तरफ से कोई भी लोगों से मिलने नहीं आया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मास्टर मोहन लाल, बीडी शर्मा, नरेश कुमार, अनिल महाजन, एलआर सोढी, नरेंद्र काला, दविदर अरोड़ा, अजय बागी, अमित संगर, निर्मल सिंह पप्पू, तरुण पाल शंटी, चाचा वेद प्रकाश, योगी सेठ, विमल सैनी, नारायण दीप सिंह, दीप मेहरा दविदर मिटू, राकेश कुमार, राजेश शर्मा, आशीष महाजन आशू इत्यादि उपस्थित थे। सांसद ने कोई सुध नहीं ली

व्यापार मंडल के प्रधान नरेश अरोड़ा, जिला व्यापार मंडल के प्रधान इंद्रजीत गुप्ता, पठानकोट व्यापार मंडल के प्रधान एसएस बावा व पठानकोट विकास मंच के चेयरमैन तथा पेंशनर्ज ज्वाइंट फ्रंट के कनवीनर नरेश कुमार ने कहा कि शहर के एक लाख से अधिक लोग अपने ही पैसे के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। सांसद सनी देओल ने लोगों की सुध तक नहीं ली। बैंक प्रबंधन ने उनसे वायदा किया था कि 80 करोड़ रुपये में से 20 करोड़ रुपये की राशि रिकवर होने के बाद उन्हें उनका हक दे दिया जाएगा। पर अभी 37 करोड़ रुपये रिकवर किए जाने के बाद भी खाताधारकों को उनकी जमापूंजी नहीं दी जा रही। बैंक के बाहर तैनात रही पुलिस

इस संघर्ष के दौरान किसी तरह की कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से एडवांस में ही तैयारी की गई थी। सुरक्षा को लेकर बैंक के बाहर पुलिस कर्मचारियों की तैनाती रही। इस दौरान न तो कोई संघर्ष समिति का सदस्य बैंक के भीतर गया तथा न ही बैंक के पदाधिकारियों ने बाहर आकर उनके साथ वार्तालाप की। करीब दो घंटे के प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारी चेतावनी देकर चले गए।

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