लाखों खर्च कर बनाए गए सेवा केंद्रों को किया जाए शुरू

संवाद सहयोगी, सुजानपुर

लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए सेवा केंद्र बंद पड़े हैं। इस संबंध में पूर्व सरपंच मोहन सिंह, पूर्व सरपंच महेंद्र पाल, मोहनलाल, पूर्व सरपंच रिपल कमार, राजिदर शर्मा, युद्धवीर पठानिया, अंचल सिंह, यशपाल सिंह, तिलक राज, जनक राज, बोधराज, राकेश कुमार, सुभाष चंद्र ने बताया पूर्व की अकाली भाजपा सरकार की ओर से लोगों की सुविधा के लिए लाखों रुपए खर्च कर यह सेवा केंद्र खोले गए थे। इसके लिए बिल्डिग तैयार की गई थी, इनमें जेनरेटर, कंप्यूटर, एसी इत्यादि लगाए गए थे। इन सेवा केंद्र को खोलने का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके घर के पास सुविधाएं उपलब्ध कराना था ताकि लोगों को आधार कार्ड विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बिजली बिल भुगतान सहित अन्य कार्यों के लिए घर से दूर न जाना पड़े। इन सेवा केंद्रों के खुलने से गांव की जनता को काफी लाभ हुआ था। लेकिन पंजाब में सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने इन सेवा केंद्रों में से काफी सेवा केंद्रों को बंद कर दिया। जिससे पहले लोगों के कार्य अपने गांवों में हो जाते थे। अब सेवा केंद्र बंद होने के कारण लोगों को दूरदराज अपने कार्य कराने के लिए जाना पड़ता है। जिससे लोगों को काफी मुश्किलें आ रही हैं। लोगों को आधार कार्ड बनवाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता है, उनकी बारी कई दिनों तक नहीं आती। सरकार की ओर से जिन सेवा केंद्रों को बंद किया है, उनमें पड़ा सामान जेनरेटर, ऐसी इत्यादि खराब हो रहा है, जिससे पैसे की बर्बादी हो हुई है। लोगों का कहना है कि अगर इन सेवा केंद्रों को बंद ही करना था तो इनकी इमारतों पर इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की गई। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्र में बंद पड़े सेवा केंद्रों को शुरू किया जाए ताकि गांववासियों को इसका फायदा पहुंच सके।

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