गांव- गांव बिक रहा नशा, 11 माह में 288 केस, 350 तस्कर गिरफ्तार

जिले में कई गांव नशे के हाट स्पाट बन चुके हैं। इन गांवों में सरेआम नशे की बिक्री होती है। पिछले दिनों औड़ में एक घर सरेआम नशा बिक रहा था और लोग हेरोइन लेने के लिए कतारों में खड़े थे।

JagranFri, 03 Dec 2021 04:02 PM (IST)
गांव- गांव बिक रहा नशा, 11 माह में 288 केस, 350 तस्कर गिरफ्तार

सुशील पांडे,नवांशहर: जिले में कई गांव नशे के हाट स्पाट बन चुके हैं। इन गांवों में सरेआम नशे की बिक्री होती है। पिछले दिनों औड़ में एक घर सरेआम नशा बिक रहा था और लोग हेरोइन लेने के लिए कतारों में खड़े थे। इसकी वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जब वहां रेड की , तो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। जिले में गांव लंगड़ोया,गांव लखपुर, गांव जब्बोवाल ,औड़ व गढशंकर मार्ग पर स्थित गांव नशे के अड्डों के तौर पर पूरे जिले में मशहूर हैं। पुलिस पुराने तस्करों का रिकार्ड खंगालकर उन पर नजर रख रही है। पुलिस ने नशा बिकने वाले स्थानों पर शाम के समय पक्के नाके लगाए हैं। नशा तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने 83608-33805 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। जिला पुलिस ने पिछले 11 माह में नशा तस्करों के खिलाफ 288 केस दर्ज 350 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभी तक 3 किलो 343 ग्राम हेरोइन,7 किलो 485 ग्राम अफीम,332 किलो 200 ग्राम चूरापोस्त,318 ग्राम चरस,102 किलो 950 ग्राम गांजा,833 ग्राम नशीला पाउडर,9690 नशे के तौर पर प्रयोग होने वाले टीके व 34917 नशे के तौर पर प्रयोग होने वाले कैप्सूल व गोलियों को बरामद किया है। पुलिस ने नशा तस्करों पर काबू पाने के लिए सौ से अधिक नाके शहर में लगा दिए हैं। शहर में दाखिल होने वाले वाहनों की चेकिग की जा रही है और वाहन के नंबर व ड्राइवर का नाम व पता भी नोट किया जा रहा है। इसके अलावा पुलिस ने शहर में दाखिल होने वाले छोटे-छोटे रास्तों पर भी नाकाबंदी कर दी है, ताकि तस्कर शहर में नशे की सप्लाई न कर सकें। तस्करों पर कड़ी नजर नशा तस्करों पर शिकंजा करने के लिए पुलिस ने सूचियां तैयार की हैं। इनमें जेल से जमानत पर छूटे तस्करों की भी लिस्ट बनाई गई हैं। पुलिस लगातार इन तस्करों पर नजर रखे हुए है। ऐसे तस्करों को थाने में बुलाकर पूछताछ भी की गई है। साथ ही उन्हें चेतावनी दी जाएगी कि अगर वे नशा शहर में लाए, तो उन पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का सहयोग करें लोग: एसएसपी इस बारे में एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि ड्रग्स तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस के जारी किए गए फोन नंबर के अलावा भी पुलिस इंफार्मर्स की ओर से पुलिस को तस्करों के बारे में जानकारी दी जाती रहती है। अगर कोई नशा तस्करों के बारे में पुलिस को सूचना देता है तो सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है। उन्होंने कहा नशा रोकने के लिए लोगों को पुलिस की सहायता करनी चाहिए।

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