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डीएमएफ ने पंजाब सरकार का पुतला फूका

संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब

डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन पंजाब इकाई मुक्तसर ने पंजाब सरकार की तरफ से छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट जारी न करने, महंगाई भत्ता जाम करने, कच्चे मुलाजिमों को पक्का न करने, मानभत्ता वर्करों के कम से कम उजरत न लागू करने पर डीसी दफ्तर के बाहर पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी।

डीएमएफ के राज्य सचिव जसविदर तथा जिला प्रधान पवन कुमार ने कहा कि कोरोना संकट की आड़ में केंद्र सरकार के साथ-साथ पंजाब सरकार की तरफ से सरकारी विभागों का निजीकरण कर उनको सस्ते रेटों में बेचा जा रहा है जिस कारण मुलाजिमों का पे कमिशन 31 दिसंबर 2020 तक आगे डाल दिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2018 से डीए 158 माह का बकाया है, मजदूरों को कम से कम उजरत में एक मार्च से बढ़ाकर करने वाले किरत विभाग के पत्र को रद्द करके पंजाब सरकार ने मजदूर विरोधी नीति को जग जाहिर कर दिया है। हजारों कच्चे मुलाजिमों को पक्का नहीं किया जा रहा है। मिड-डे मिला वर्करों तथा आशा वर्करों से कम मेहनताने पर कार्य लिया जा रहा है। गुरुनानक थर्मल प्लांट बठिडा जैसे सरकारी विभागों को बेचा जा रहा है।

इस मौके पर राजविदर कौर, हरप्रीत कौर, वीरपाल कौर, मनप्रीत कौर, भोला सिंह, जंगलात मुलाजम यूनियन के जगसीर सिंह, गुरमेल सिंह, छिदा सिंह, लखविदर सिंह, अंग्रेज सिंह तथा पवन चौधरी, राजविदर सिंह, कलविदर सिंह, रविदर सिंह आदि उपस्थित थे।

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