सिविल अस्पताल की ओपीडी में जलभराव, लैब का काम ठप

। मथुरादास सिविल अस्पताल में मेंटीनेंस अधिकारियों की मनमानी से ओपीडी में पिछले दस दिन से जलभराव की समस्या बनी हुई है।

JagranPublish:Mon, 29 Nov 2021 10:39 PM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 10:39 PM (IST)
सिविल अस्पताल की ओपीडी में जलभराव, लैब का काम ठप
सिविल अस्पताल की ओपीडी में जलभराव, लैब का काम ठप

संवाद सहयोगी, मोगा:

मथुरादास सिविल अस्पताल में मेंटीनेंस अधिकारियों की मनमानी से ओपीडी में पिछले दस दिन से जलभराव की समस्या बनी हुई है। मरीज मुश्किल से ओपीडी में पहुंच रहे हैं, वहीं लगातार जलभराव के कारण रास्ता बंद होने से पैथ लैब सोमवार को बंद कर दी गई, वहां कोई टेस्ट नहीं हो सका। जबकि हर दिन औसतन 100-120 मरीजों के टेस्ट होते हैं। मेंटीनेंस के नाम पर अस्पताल की बदहाली के चलते अभी तक सिर्फ क्लेरीकल स्टाफ व ड्रग विभाग के मुलाजिम व अधिकारी मुश्किल में थे, छह महीने से वे रिकार्ड तक नहीं संभाल पा रहे हैं।

इस संबंध में सीनियर मेडिकल अधिकारी डा.सुखप्रीत सिंह बराड़ का कहना है कि उन्होंने मेंटीनेंस शुरू होने के साथ ही इंजीनियरिग टीम से आग्रह किया था कि वे स्टेप वाइस स्टेप काम करें ताकि अस्पताल में चिकित्सा सुविधा प्रभावित न हों लेकिन उन्होंने अपनी मनमानी की। पूरे अस्पताल परिसर में ही खुदाई कर दी गई। अभी किसी भी विभाग की पूरी तरह से मेंटीनेंस नहीं हुई है, जिस कारण ये समस्या पैदा हो रही है। यह है मामला

मथुरादास सिविल अस्पताल की मेंटीनेंस के लिए करीब एक साल पहले दो करोड़ 62 लाख रुपये की राशि मंजूर हुई थी। इस राशि से पूरे अस्पताल इमरजेंसी, ओपीडी, पैथ लैब, क्लेरीकल आफिस, सर्जीकल, आर्थो वार्ड आदि के बाथरूम, फर्श आदि की मरम्मत का काम शुरू किया गया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन की सिविल विग ने एक-एक वार्ड की मेंटीनेंस करने के बजाय पूरे अस्पताल परिसर में ही खुदाई कर डाली। लंबे समय से चली रही इस समस्या के चलते अब अस्पताल में चिकित्सा कार्य भी प्रभावित होने लगा है। ओपीडी में पिछले दस दिन से पानी की लीकेज हो रही है, पूरे ओपीडी परिसर में पानी ही पानी भर गया है। कुछ विभागों में जाने के लिए रास्ते में पत्थर रखे गए, जिस पर पैर रखकर मरीज अंदर जा रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरा हाल पैथ लैब की तरफ जाने वाले रास्ते का है। वहां काफी ज्यादा पानी भर जाने के कारण सोमवार को पैथ लैब में काम ठप रहा, पूरे दिन कोई टेस्ट नहीं सका। इसके अलावा, डेंटल, आइ, स्किन, ईएनटी सभी विभागों की तरफ जाने वाले रास्ते पर जलभराव की समस्या बनी हुई है। 10 दिन से मेंटीनेंस विभाग की टीम ये भी पता नहीं लगा सकी है कि आखिरकार पानी की लीकेज कहां से हो रही है। हैरानी इस बात की है जो विभाग मेंटीनेंस करा रहा है, उस विभाग के किसी अधिकारी को समस्या की जानकारी तक नहीं है। एसडीओ से लेकर इंजीनियर तक किसी को नहीं पता

इस संबंध में मेंटीनेंस विभाग के मेंटीनेंस इंजीनियर गुरतेज सिंह का कहना है कि उन्होंने अभी 15 दिन पहले ही चार्ज लिया है। मामले का पता कर रहे हैं। वहीं एक्सईएन सुखचैन सिंह का कहना है कि उन्हें आज ही समस्या की जानकारी मिली है, इसे वे जल्दी ठीक कराने का प्रयास करेंगे। एसडीओ तेजिदर सिंह का भी यही जबाव था, उन्होंने बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थे वे जल्दी इसे ठीक करा देंगे।

ठेकेदार नरिदर बंसल से जब इस समस्या के संबंध में बात की तो वे बार-बार खबर न लगाने की बात करते रहे। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 800 मरीज पहुंचते हैं।जलभराव की समस्या के कारण यहां आने वाले मरीजों को ही नहीं बल्कि अस्पताल के डाक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ को भी काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।