किसान संघर्ष के हक में निकाला मशाल मार्च

किसान संघर्ष के हक में निकाला मशाल मार्च

मोगा नेचर पार्क से मंगलवार देर शाम जिला मोगा की समूह समाजसेवी धार्मिक मुलाजिम मजदूर व्यापारिक व किसान जत्थेबंदियों की ओर से दिल्ली में अपनी हक के लिए संघर्ष कर रहे किसान संगठनों के समर्थन में विशाल मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में जत्थेबंदियों के कार्यकर्ताओं सहित शहरनिवासियों ने भाग लिया।

Publish Date:Tue, 01 Dec 2020 06:58 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, मोगा

नेचर पार्क से मंगलवार देर शाम जिला मोगा की समूह समाजसेवी, धार्मिक, मुलाजिम, मजदूर, व्यापारिक व किसान जत्थेबंदियों की ओर से दिल्ली में अपनी हक के लिए संघर्ष कर रहे किसान संगठनों के समर्थन में विशाल मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में जत्थेबंदियों के कार्यकर्ताओं सहित शहरनिवासियों ने भाग लिया।

मशाल मार्च में शामिल लोगों ने अपने हाथों में मशाल, कैंडल व तख्ती पकड़ी हुई थी। इस दौरान किसानी मांगों के हक में तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। यह मशाल मार्च नेचर पार्क मोगा से शुरू होकर शहर के विभिन्न बाजारों से होता हुआ मेन चौक मोगा पहुंचा। जहां प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस मौके पर रूरल एनजीओ मोगा के चेयरमैन महेंद्रपाल लूंबा, अध्यक्ष दविदरजीत सिंह गिल, समाज सेवा सोसायटी के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह सन्यासी, समाज सेवी गुरनाम सिंह लवली, कृष्ण सूद, रिशू अग्रवाल, हरजिदर सिंह चुगावां, लेखक अशोक चुटानी, गुरमीत कडिय़ालवी, बेअंत कौर गिल, गुजीत सिंह मल्ली, कुलबीर सिंह ढिल्लों आदि ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीन कृषि सुधार कानूनों को तुरंत वापस लिया जाए। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के अड़ियल व तानाशाही रवैये की सख्त शब्दों में निदा की। उन्होंने किसानों पर दर्ज किए मामलों को तुरंत रद करने की मांग भी की।

उन्होंने किसानों को फसली चक्कर में से बाहर निकालने के लिए सारी फसलों पर एमएसपी लागू करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार किसानों की मुसीबत कम करने के नाम पर उनको कारपोरेट सेक्टरों का निवाला बनाने जा रही है। इस धोखे को बर्दाश्त करना हर जिम्मेवार शहरी के लिए मुश्किल है। उन्होंने किसानों के अनुशासन की प्रशंसा करते हुए संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा सरकार से संबंधित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की।

इस प्रदर्शन में उपस्थित लोगों ने किसान संघर्ष की जीत तक साथ देने का प्रण करते हुए जल्द ही संघर्ष की अगली रूपरेखा तैयार करने की घोषणा की। इस मौके पर एडवोकेट हरजीत सिंह, हरभिदर जानियां, संदीप औलख, बलराज गिल, जसविदर सिंह, गुरजोत सिंह, सोनिया कौर, सुखजीत बुक्कनवाला आदि उपस्थित थे।

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