जाली फेसबुक आइडी से चरित्र पर कीचड़ उछालने वाला बेनकाब हुआ तो मांगने लगा माफी

। समाजसेवा में सक्रिय महेन्द्र पाल लूंबा व साहित्यकार बेअंत कौर के चरित्र पर जाली फेसबुक आइडी से कीचड़ उछालने वाले एनआरआइ का पर्दाफाश होने के बाद अब वह माफीनामे की पोस्ट डालकर बचने में जुट गया है।

JagranSat, 31 Jul 2021 10:21 PM (IST)
जाली फेसबुक आइडी से चरित्र पर कीचड़ उछालने वाला बेनकाब हुआ तो मांगने लगा माफी

संवाद सहयोगी,मोगा

समाजसेवा में सक्रिय महेन्द्र पाल लूंबा व साहित्यकार बेअंत कौर के चरित्र पर जाली फेसबुक आइडी से कीचड़ उछालने वाले एनआरआइ का पर्दाफाश होने के बाद अब वह माफीनामे की पोस्ट डालकर बचने में जुट गया है। इस बीच महेन्द्रपाल लूंबा ने कनाडा में बैठे अपने करीबी लोगों की मदद से वहां भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, स्थानीय स्तर पर फेक आइडी पर दोनों हस्तियों का चरित्र हनन करने वाले व्यक्ति की जो पहचान हुई उसके खिलाफ ठगी, जालसाजी के कई मामले दर्ज हैं, कनाडा में भी वह एक मामले में जमानत पर चल रहा है।

इस बीच अपने ऊपर लगे आरोपों से आहत महेन्द्र पाल लूंबा ने सरबत का भला ट्रस्ट के अध्यक्ष पद से तीन महीने के लिए इस्तीफा दे दिया है, ताकि कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद बेदाग होकर फिर से वे अपनी जिम्मेदारी संभाल सकें।

इस बीच गांव दोसांझ की पंचायत महेन्द्र पाल लूंबा के समर्थन में आ गई है, पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर लूंबा के खिलाफ कीचड़ उछालने वाले की सख्त शब्दों में निदा करते हुए उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। क्या है मामला

पिछले कुछ दिनों से हरप्रीत सिंह नामक व्यक्ति की फेसबुक आइडी से पहले जिले की लेखिका बेअंत कौर के चरित्र पर कीचड़ उछालने का प्रयास किया, फेसबुक आइडी पर अचानक बेअंत कौर के प्रति असभ्य शब्दों का प्रयोग हुआ तो शहर की कई संस्थाओं के प्रतिनिधि व खुद समाजसेवी महेन्द्र पाल लूंबा ने इसका पुरजोर विरोध किया। बाद में इसी आइडी से लूंबा के चरित्र पर भी उंगली उठाना शुरू कर दिया। लूंबा ने पुलिस की मदद से जब फेसबुक आई की जांच कराई तो पता चला कि वह आइडी कनाडा में रह रहे गुरदर्शन धालीवाल उर्फ कुक्कू धालीवाल संचालित कर रहा था। आइडी संचालक का पता लगते ही लूंबा ने जब कुक्कू धालीवाल के मोगा पुलिस के रिकार्ड में दर्ज ठगी व अन्य मामलों का उजागर करना शुरू किया तो कुक्कू धालीवाल ने माफी मांगकर बचने की कोशिश करने लगा, लेकिन लूंबा ने उसके खिलाफ दोतरफा कानूनी शुरू कर दी है, कनाडा पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है, साथ ही स्थानीय स्तर पर भी।

इस बीच उन्होंने कानूनी लड़ाई पूरी करने के लिए शनिवार को सरबत का भला ट्रस्ट की कार्यकारिणी में तीन महीने के लिए अध्यक्ष पद से मुक्ति देने की पेशकश की ताकि वे अपनी लड़ाई लड़कर बेदाग होकर वापस आ सकें। ट्रस्ट की कार्यकारिणी के सदस्यों ने लूंबा के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए उनका इस्तीफा तीन महीने के लिए स्वीकार कर लिया। लूंबा का कहना है कि वे इस लड़ाई को इसलिए अंजाम देना चाहते हैं ताकि कोई और व्यक्ति इस प्रकार का दुस्साहस न कर सके।

ट्रस्ट की बैठक में चेयरमैन हरजिदर चुगावां, सचिव रंजीत सिंह धालीवाल, कैशियर दविदरजीत सिंह गिल, उपाध्यक्ष हरभूपिदर सिंह जानियां, गुरसेवक सिंह सन्यासी, दर्शन सिंह लोपों, सुखदेव सिंह बराड़, अवतार सिंह घोलियां, कर्मजीत कौर, नरजीत कौर, राम सिंह आदि उपस्थित थे

उधर इस मामले में गांव दोसांझ की पंचायत भी लूंबा के समर्थन में खुलकर आ गई है। गांव पंचायत की बैठक सरपंच गुरतेज कौर के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में यूथ वेलफेयर एंड स्पो‌र्ट्स क्लब तथा संत बाबा गुरबचन सिंह यूथ वेलफेयर क्लब के पदाधिकारियों ने भी शिरकत की। सरपंच गुरतेज कौर ने प्रस्ताव रखते कहा कि लूंबा को बदनाम करने की साजिश बेहद घिनौनी है। वे इसकी निदा करते हैं। कानूनी लड़ाई में लूंबा का सहयोग करने का भी भरोसा दिया।

इस मौके पर पंच भूषण कुमार शर्मा, वीर सिंह संघा, सुखबीर सिंह संघा, रचना रानी, बिदर सिंह, रणदीप कौर, रमनदीप कौर, ठेकेदार सुरजीत सिंह, यूथ वैल्फेयर क्लब के अध्यक्ष मनप्रीत संघा, उपाध्यक्ष निर्मल सिंह संघा, सचिव अमनदीप लंबा, संत गुरबचन सिंह यूथ क्लब के सचिव शिवराज शर्मा, हरदेव सिंह रखरा उपस्थित थे।

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