छह लोग मिले डेंगू पाजिटिव, अब तक 31 केस

। जिले में जहां कोरोना संक्रमण से राहत मिलती नजर आ रही है वहीं डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या ने सेहत विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

JagranSat, 23 Oct 2021 10:57 PM (IST)
छह लोग मिले डेंगू पाजिटिव, अब तक 31 केस

राजकुमार राजू,मोगा

जिले में जहां कोरोना संक्रमण से राहत मिलती नजर आ रही है वहीं डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या ने सेहत विभाग की चिंता बढ़ा दी है। डेंगू से थाना मेहना के प्रभारी भी पीड़ित हो चुके है। शनिवार को छह और लोग डेंगू से ग्रस्त पाए गए है। जिले में इस साल अब तक 31 केस सामने आ चुके हैं।

मोगा सिविल अस्पताल की आइडीएसपी लैब में रोजाना करीब 15 से ज्यादा लोग डेंगू व मलेरिया की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। अब तक जिले में डेंगू के 31 मरीज मिल चुके हैं। जिले में डेंगू के बढ़ते केस देखते हुए सेहत विभाग ड्राई डे फ्राईडे अभियान चलाने के साथ डेंगू पीड़ित मरीजों के इलाकों में स्प्रे व फागिग करने सहित लोगों को जागरूक कर रहा है।

सिविल सर्जन डाक्टर अमरप्रीत कौर बाजवा ने बताया कि अब तक 31 लोग डेंगू पीड़ित पाए है। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल में डेंगू व मलेरिया से संबंधित जांच के लिए पूरे प्रबंध किए गए हैं। लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई रखने के साथ डेंगू व मलेरिया से बचने के प्रति खुद जागरूक होकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को निजी अस्पतालों में न जाकर सरकारी सेहत केंद्रों से टेस्ट व उपचार करवाना चाहिए।

डेंगू से ऐसे बचें

डा. संदीप गर्ग कहते है कि डेंगू से बचने के लिए एडीज एजिप्टी मच्छर को पैदा होने से रोकना जरूरी है। इसके लिए घर या आफिस के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों को मिट्टी से भर दें, जाम हुई नालियों को साफ करें। अगर पानी जमा होने से रोकना मुमकिन नहीं है तो उसमें पेट्रोल या केरोसिन डालें। कूलरों, फूलदानों का सारा पानी हफ्ते में एक बार जरूर बदलें। पक्षियों को दाना-पानी देने के बर्तन को रोज पूरी तरह से खाली करें, उन्हें सुखाएं और फिर पानी भरें। घर में टूटे-फूटे डिब्बे, टायर,बर्तन, बोतलें आदि न रखें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए पानी की टंकी को अच्छी तरह बंद करके रखें। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगवाकर रखें। मच्छरों को भगाने और मारने के लिए स्प्रे आदि का प्रयोग करें। ये हैं लक्षण

-ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार चढ़ना।

-सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।

-आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना, आंखों को दबाने या हिलाने से दर्द और बढ़ जाता है।

-बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, भूख न लगना और जी मचलाना।

-मुंह का स्वाद खराब होना, गले में हल्का दर्द होना।

-शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल व गुलाबी रंग के रेशेज होना।

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