रंगदारी को लेकर पूर्व पार्षद के बेटे से हिरासत में पूछताछ

मोगा जिले में पिछले एक साल से रंगदारी व जानलेवा हमले की वारदातों की जांच में जुटी सीआइए स्टाफ को इस पूरे मामले में स्थानीय युवकों के हाथ होने के पुख्ता सुबूत मिले हैं। विदेश व जेल में बैठे गैंगस्टर स्थानीय स्तर के गुर्गो का इस्तेमाल कर वारदातों का अंजाम दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की जांच में जुटे सीआईए स्टाफ मोगा पुलिस ने निगम के एक पूर्व पार्षद के बेटे को वीरवार को हिरासत में लिया था। उसे छुड़ाने के लिए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पूरे दिन बाघापुराना सीआइए स्टाफ में बैठे रहे थे।

JagranSat, 01 May 2021 11:08 PM (IST)
रंगदारी को लेकर पूर्व पार्षद के बेटे से हिरासत में पूछताछ

जागरण संवाददाता, मोगा

जिले में पिछले एक साल से रंगदारी व जानलेवा हमले की वारदातों की जांच में जुटी सीआइए स्टाफ को इस पूरे मामले में स्थानीय युवकों के हाथ होने के पुख्ता सुबूत मिले हैं। विदेश व जेल में बैठे गैंगस्टर स्थानीय स्तर के गुर्गो का इस्तेमाल कर वारदातों का अंजाम दे रहे हैं। ऐसे ही एक मामले की जांच में जुटे सीआईए स्टाफ मोगा पुलिस ने निगम के एक पूर्व पार्षद के बेटे को वीरवार को हिरासत में लिया था। उसे छुड़ाने के लिए कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता पूरे दिन बाघापुराना सीआइए स्टाफ में बैठे रहे थे।

गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना संक्रमण का दौर शुरू होने के साथ ही मोगा जिले में कुछ अज्ञात फोनों के माध्यम से व्यापारियों को रंगदारी के लिए फोन आने शुरू हो गए थे। जिन लोगों ने रंगदारी देने की बजाय पुलिस की सहायता मांगी, उन पर जानलेवा हमले हुए। जिनमें से न्यू टाउन में पिछले साल 14 जुलाई को तेजिदर सिंह उर्फ पिका की दो बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, इस बारे में आज तक पुलिस हत्यारों का पता नहीं लगा सकी है। उसके बाद पुरानी दाना मंडी के एक व्यापारी, समालसर में बड़े जमींदार, मोगा के शर्मा स्वीट्स के मालिक पर जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। अभी भी शहर के 6-7 लोगों को धमकी मिली हुई है, जिसके चलते प्रतिष्ठान के बाहर सुरक्षा के मद्देजनर पुलिस भी तैनात हैं।

सूत्रों का कहना है कि विदेश में बैठे कुछ गैंगस्टर इंटरनेट का प्रयोग कर फोन के माध्यम से रंगदारी मांगते हैं, साथ ही उन्हें धमकी देते हैं। बाद में वसूली के लिए हर केस में हर बार नए युवक पहुंचे हैं। गैंगस्टर बहुत शातिर हैं वे हर घटना को नए स्थानीय लोगों की मदद से उसे अंजाम दे रहे हैं। यही वजह है कि पुलिस वारदात को अंजाम देने वालों तक नहीं पहुंच पा रही है। हाल ही में पुलिस को स्थानीय गुर्गो के इस पूरे मामले में शामिल होने के प्रमाण मिले हैं। इसी के आधार पर पुलिस ने निगम के एक पूर्व पार्षद के बेटे को हिरासत में लिया हुआ है। हिरासत में पूछताछ के बाद पुलिस ने शहर के कुछ अन्य दबंग युवकों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पिछले एक साल से मोगा पुलिस के लिए सिरदर्द बने रंगदारी व जानलेवा हमला करने वाले गिरोह के संबंध में बड़ी जानकारी मिल सकती है।

हालांकि इस मामले में पुलिस का कोई भी बड़ा अधिकारी कुछ बोलने से इन्कार कर रहा है। सीआइए स्टाफ के एक अधिकारी ने इतना जरूर स्वीकार किया है कि पूछताछ के लिए एक पूर्व पार्षद के बेटे को लेकर आए थे, जिसे बाद में उसे छोड़ दिया है।

हालांकि सूत्रों का दावा है कि अभी तक पूर्व पार्षद के बेटे को छोड़ा नहीं गया है। गैंगस्टर के साथ संपर्क होने व हाल की वारदातों के मामले में पुलिस के पास पुख्ता सुबूत हैं। हालांकि उसे छोड़ने के लिए सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता पूरा जोर लगा रहे हैं।

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