काउंट सीजर मैटी के 212वें जन्मदिन पर करवाया राष्ट्रीय समागम

काउंट सीजर मैटी के 212वें जन्मदिन पर करवाया राष्ट्रीय समागम

। इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक डाक्टर्स मेडिकल एसोसिएशन पंजाब की ओर से इलेक्ट्रोहम्योपैथी के जन्मदाता काउंट सीजर मैटी का 212वां जन्मदिन चौखा इंपायर होटल बुघीपुरा चौक में राष्ट्रीय स्तरीय समागम आयोजित कर मनाया गया।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 11:00 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, मोगा

इलेक्ट्रोहोम्योपैथिक डाक्टर्स मेडिकल एसोसिएशन पंजाब की ओर से इलेक्ट्रोहम्योपैथी के जन्मदाता काउंट सीजर मैटी का 212वां जन्मदिन चौखा इंपायर होटल बुघीपुरा चौक में राष्ट्रीय स्तरीय समागम आयोजित कर मनाया गया।

सबसे पहले ज्योति प्रज्वलित करके काउंट सीजर मैटी को श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत अध्यक्ष डा. छिदर सिंह कलेर ने विभिन्न राज्यों से आए हुए डाक्टरों का स्वागत किया। समागम में बतौर मुख्यतिथि पहुंचे ईआरएफआइ के अध्यक्ष डा. संजीव शर्मा तथा एचईडीए के अध्यक्ष डा. सुरेंद्र ठाकुर ने काउंट सीजर मैटी के जीवनी से अवगत करवाते कहा कि वह एक ऐसे वैज्ञानिक थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन मानवता की सेवा के लिए लगा दिया।

डा. संजीव शर्मा ने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी का सिद्धांत खून व रस पर आधारित है। जब हमारे शरीर में खून या रस अशुद्ध होता है तो हमें रोग लगता है। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवा खून व रस को शुद्ध कर देता है। चेयरमैन डा. जगतार सिंह सेखों ने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी दवाओं से लाइलाज रोग कैंसर, काला पीलिया, डेंगू, शुगर, गुर्दों के रोग, रसौली आदि का इलाज सफल व साइड इफेक्ट रहित होता है।

इस मौके पर डा. सुनील सहगल, डा. रविदर रोहिता, डा. राजेश कुमार सिरसा, डा. रेखा शर्मा ने अलग-अलग रोगों पर अपने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी इलाज के तजुर्बे को साझा किया। मंच का संचालन डा.जगजीत सिंह गिल ने किया। इस दौरान होम्योपैथिक प्रणाली पर आधारित एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस समागम में उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ से डाक्टर डा. दरबारा सिंह, डा. सुशील कुमारी, डा. दीपक अरोड़ा, डा. दविदर नरूला, डा. मुकेश ठाकुर, डा. गुलशन कुमार, डा.बीके शर्मा, डा. राकेश शर्मा, डा.विनोद कुमार, डा. मनोज विनायक, डा. प्रदीप शर्मा, डा. सुरेन्द्र कुमार, डा. मोहन मेहरा पानीपत, डा. अभिषेक भगत आदि शामिल हुए। डायरेक्टर मनप्रीत सिंह सिद्धू व उपाध्यक्ष डा. जसविदर सिंह ने आए हुए डाक्टरों का धन्यवाद किया।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.