गरीबों पर रहम करो सियासत नहीं, रोजगार में बाधा न बनें

शहर की पुरानी दाना मंडी में सन 2018 में अतिक्रमण के नाम पर खोखे की बोली पर हो रहा बवान।

JagranSat, 12 Jun 2021 05:44 PM (IST)
गरीबों पर रहम करो सियासत नहीं, रोजगार में बाधा न बनें

जागरण संवाददाता, मोगा : शहर की पुरानी दाना मंडी में सन 2018 में अतिक्रमण के नाम पर खोखे उजाड़ने के बाद उनके पुनर्वास के नाम पर हो रही राजनीति बंद होनी चाहिए। मोगा खोखा शापकीपर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशनलाल चावला तथा अन्य पदाधिकारियों ने खोखों पर सियासत कर रहे लोगों को फटकारते हुए कहा कि गरीबों के रोजगार पर सियासत करना बंद करें।

खोखा आवंटन की प्रक्रिया पिछले एक साल से चल रही है, लेकिन हर बार कोई न कोई नेता सियासत करने चला आता है। जिस कारण उनके खोखों का आंवटन रुक जाता है। चावला ने कहा कि उनसे किसी ने खोखे के नाम पर धनराशि नहीं ली है, न ही उन्होंने किसी को दी है। जिन नेताओं को खोखों के आवंटन में गड़बड़ी की आशंका हो रही है वे सबूत लाएं कार्रवाई करवाएं, लेकिन गरीबों पर रहम करें, न तो किसी खोखे वाले की इतनी हैसियत है कि वे लाखों की रिश्वत किसी को दें न किसी ने दी है। अगर वे कई लाख रिश्वत देने में सक्षम होते तो रेहड़ी क्यों लगाते।

गौरतलब है कि एक दिन पहले मंडी में कुछ नेता पहुंचे थे। उनके दौरे के बाद मामले ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है, जिसके चलते खोखा एसोसिएशन को शनिवार को खुद आगे आना पड़ा।

मोगा खोखा शापकीपर एसोसिएशन के अध्यक्ष रोशनलाल चावला का कहना है कि नगर निगम ने पिछले साल 283 में 235 लोगों को खोखा आवंटन के लिए टोकन जारी कर दिए थे। खोखों के लिए जगह आवंटन करते समय उनसे 250 रुपये प्रति महीने के हिसाब से एक साल का किराया तीन हजार रुपये लिया गया था, जिसकी रसीद उन्हें दी गई है। इसके अलावा किसी से कुछ न तो लिया गया है न ही किसी ने कुछ लिया है, लेकिन जब भी खोखा आवंटन की प्रक्रिया होती है कोई न कोई नेता आकर गड़बड़ी की बातें करना शुरू कर देते हैं, जिससे आवंटन की प्रक्रिया रुक जाती है, दो बार पहले भी प्रक्रिया रुक चुकी है। अब जब उन्हें किराए की रसीदें मिल चुकी हैं तो उन्हें काम करने दें, उनके मिलते रोजगार को न छीनने की कोशिश करें, ड्रा की पूरी प्रक्रिया कैमरे के सामने हुई थी, पूरी प्रक्रिया की रिकार्डिंग हुई थी, उस समय भी कुछ लोगों ने बेवजह हंगामा किया था, चावला ने कहा कि अब ऐसे लोगों से हाथ जोड़कर विनती है कि जब उन्हें रोजगार मिलने जा रहा है, उन्हें मिलने दें, किसी नेता की किसी दूसरे के साथ कोई निजी रंजिश है तो वे किसी दूसरे मामले में निकालें, गरीबों के रोजगार को मोहरा न बनाएं। उनके रोजगार में बाधा न बनें, ताकि उन्हें भी अपने परिवार का पेट पालने का मौका मिल सके। प्रशासन से खोखा आवंटन प्रक्रिया पूरी करने की मांग करने वालों में मीरी लाल, हैप्पी, दीपक, रंजीत कुमार, साहिल कुमार, अशोक कुमार, सुखविदर, चरणजीत, राजकुमार, रामकेवल संदीप सिंह, राजेश कुमार, रमेश कुमार आदि शामिल थे।

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