top menutop menutop menu

तहसील भलाई दफ्तर की कहानी, न बिजली और न पानी

सचिन आनंद, खन्ना : एक तरफ विभिन्न विभागों के अधिकारी अपने दफ्तरों में एसी का गर्मी के दिनों में आनंद ले रहे हैं। वहीं, सरकार के खाली खजाने की तपिश तहसील भलाई दफ्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को सहन करनी पड़ रही है। दफ्तर की कहानी इतनी सी है कि न तो यहां तपती गर्मी में बिजली की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। खन्ना के तहसील भलाई दफ्तर का किराया न देने के कारण इसे सरकार ने दहेड़ू गांव में शिफ्ट किया था और वहां मुलाजिमों को बदतर माहौल में रहना पड़ रहा है।

दहेड़ू में भलाई दफ्तर में मुलाजिम बिना बिजली के काम चलाने के लिए मजबूर हैं। गर्मी से राहत के लिए फाइलों झूलाकर हवा लेनी पड़ रही है। इसके साथ ही पानी न होने के कारण आने वाले लोगों का भी गर्मी से बुरा हाल हो जाता है।

दहेड़ू गांव जाने की भी समस्या

खन्ना और आसपास के गांवों के लोगों को गांव दहेड़ू में दफ्तर में जाने का कोई साधन नहीं है। पहले लोग अपने गांव से सीधा खन्ना आ सकते थे, लेकिन गांव दहड़ू तक जाना काफी मुश्किल है। इस कारण भी इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। इससे लोगों के समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। सरकार के खाली खजाने का बोझ लोगों की जेब पर पड़ रहा है।

- बिजली -पानी की समस्या है। इस बारे में एडीसी (विकास) लुधियाना को पत्र लिखा था, लेकिन कोविड -19 के कारण काम रुक गया। अब कोशिश की जा रही है। मुलाजिम लोगों की फाइलें तो ले लेते हैं, पर बिजली नहीं होने से कंप्यूटर का काम घर करते हैं।

गौरव अरोड़ा, तहसील भलाई अफसर

- इस समस्या की जांच करवा लेते हैं। अगर कोई समस्या हुई तो उसका हल करवा दिया जाएगा।

संदीप सिंह, एसडीएम खन्ना

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.