Adani Logistics Park Closure: किसानों की जिद से गई नौकरी, टूटा मुसीबतों का पहाड़, बच्चों की फीस व लोन चुकाना मुश्किल

Adani Logistics Park Closure पंजाब के किला रायपुर में अदाणी लाजिस्टिक्‍स पार्क के बंद हाेने का असर सामने आने लगा है। इससे अपनी नौकरी गंवाने वाले लोगों पर मुसीबतों का पहाड़़ टूट पड़ा है। उनके लिए बच्‍चों की फीस और लोन की किस्‍त भरना कठिन हो गया है।

Sunil Kumar JhaMon, 02 Aug 2021 08:34 PM (IST)
किसानाें के आंदोलन के कारण पंजाब में अदानी लाजिस्टिक्‍स पार्क बंद होने से नौकरी खोने वाले परेशान हैं। (फाइल फोटो)

लुधियाना, [राजीव शर्मा]। अदाणी ग्रुप का लुधियाना के किला रायपुर स्थित मल्टी माडल लाजिस्टिक्स पार्क बंद होने से बड़ी संख्या में युवाओं का रोजगार छिन गया है। यहां काम कर रहे करीब 400 युवाओं में से रेगुलर कर्मचारियों को तो अन्य राज्यों में ट्रांसफर कर दिया गया है, लेकिन कांट्रैक्ट पर काम कर रहे युवाओं को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। कांट्रैक्ट वाले कर्मचारियों को कंपनी ने करीब दो-तीन महीने पहले ही एडवांस सैलरी देकर नौकरी से बाहर करना शुरू कर दिया था। इससे इन पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कांट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी, कोरोना के कारण अन्य कंपनियां भी नहीं कर रहीं हायरिंग

इन युवाओं को लोन की किश्तें चुकाने और बच्चों के स्कूल की फीस भरने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कोरोना के कारण बाकी कंपनियों ने भी हायरिंग बंद कर रखी है, ऐसे में जल्द नौकरी नहीं मिली तो उनकी परेशानी बढ़ जाएगी। खास बात यह है कि जिन अड़ियल किसानों के कारण अदाणी ग्रुप ने यह पार्क बंद किया है, वहां उन्हीं के बच्चे भी काम कर रहे थे।

प्रबंधन और कर्मचारियों ने कई बार की अपील, किसान हटने को तैयार नहीं

अदाणी लाजिस्टिक्‍स पार्क में काम करने वाले अमृतसर के एक युवक बताया कि वह पिछले 9 साल से ग्रुप के साथ काम कर रहा है। उसकी नियुक्ति थर्ड पार्टी अप्वाइंटमेंट के तहत हुई थी। 1 अगस्त से उसको नौकरी से निकाल दिया गया। अब वह वापस अमृतसर चला गया है। 2 माह पहले ही उसने बैंक से मकान के लिए 25 लाख का होम लोन लिया था। उसकी बीस साल के लिए 17 हजार रुपये की किश्त है। दो बेटियां हैं। एक दो और एक चार साल की है।

किला रायपुर में अदाणी लाजिस्टिक्‍स पार्क के बाहर किसानों द्वारा लगाया गया जाम। (फाइल फोटो)

नौकरी जाने से चिंता बढ़ गई है। रात को नींद भी नहीं आ रही। उसने अपने सहयोगियों के साथ जाकर खुद किसानों से अपील की थी कि वे लाजिस्टिक्स पार्क के मुख्य गेट से हटकर बैठ जाएं ताकि काम चलता रहे और रोजगार बना रहे, लेकिन किसानों ने एक नहीं मानी। अब फिर से नौकरी की तलाश शुरू कर दी है।

ड्राई पोर्ट पर पड़ा माल हो रहा खराब, निर्माण कार्यों के लिए लाई गई मशीनरी भी अंदर फंसी

वहीं, हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित अपने पुश्तैनी गांव से आकर 25 साल से लुधियाना में रह कर अपना परिवार पाल रहे संजीव को भी अदाणी पार्क बंद होने से अपना भविष्य धुंधला दिखाई दे रहा है। उनको भी कंपनी ने काम बंद होने की वजह से नौकरी से जवाब दे दिया है। उनकी भी थर्ड पार्टी अप्वाइंटमेंट थी। वह लाजिस्टिक्स पार्क में रेल आपरेशन में काम करते थे।

कोविड काल में उनकी पत्‍नी का निधन हो गया था। अब तीन बच्चों की जिम्मेदारी भी उन पर है। उनकी 14 साल की बेटी सातवीं कक्षा में, 11 साल की बेटी पांचवीं और सात साल का बेटा दूसरी कक्षा में पढ़ रहा है। बच्चों को पालना और उनकी शिक्षा को लेकर वे चिंतित हैं। उन्होंने स्कूल को लिख कर दे दिया है कि उनकी नौकरी चली गई और उनके बच्चों की फीस माफ की जाए। हर महीने छह हजार रुपये फीस देना अब उनके बस में नहीं है। इसके अलावा परिवार पालने के लिए भी पैसा चाहिए। अब प्राइवेट कंपनी में नौकरी की तलाश में जुट गए हैं। वह कहते हैं कि बच्चों को पालने के लिए कुछ न कुछ तो करना ही होगा।

रोज लोड-अनलोड होते थे 120 कंटेनर, अब पसरा है सन्नाटा

अदाणी लॉजिस्टिक्स पार्क अब वीरान हो गया है। कभी यहां रोज औसतन 120 कंटेनर लोड-अनलोड होते थे और 24 घंटे काम चलता था, लेकिन किसानों के विरोध के बाद यहां सात माह से काम पूरी तरह ठप है। कभी रात में भी गुलजार रहने वाले इस इलाके में आज सिर्फ चंद किसान यूनियन के सदस्य बैठे हैं।

20 कर्मचारियों को किया ट्रांसफर

अदाणी ग्रुप ने अपने करीब बीस पक्के कर्मचारियों को च्वाइस पोस्टिंग देकर अन्य शहरों में ट्रांसफर कर दिया है, जबकि थर्ड पार्टी अप्वाइंटमेंट के तहत रखे गए मुलाजिमों को निकाल दिया है। यहां के प्रबंधकों का कहना है कि कंपनी ने 7 माह तक वेतन, प्रमोशन एवं इंक्रीमेंट भी दिया, लेकिन स्थितियां सुधरती न देखते हुए उनको बाहर कर दिया गया है, साथ ही यह भरोसा भी दिया है कि जब काम शुरू होगा, तो वापस नौकरी पर रख लिया जाएगा।

पहले ट्रेनें न चलने से हुआ नुकसान

इस लाजिस्टिक्स पार्क पर पहले स्टील उद्योग के लिए स्पांज आयरन की खेप, जेके सीमेंट की खेप समेत बड़ी संख्या में माल आता था, जबकि यहां से चावल, इंजीनियरिंग के उत्पादों का निर्यात किया जा रहा था। पार्क के अधिकारियों का तर्क है कि पिछले करीब दस-ग्यारह माह से ट्रेन सेवा प्रभावित है। सितंबर 2020 से लेकर नवंबर तक पहले ट्रेन बंद रहीं, उसके बाद एक जनवरी से फिर किसानों का धरना लग गया।

अदाणी लाजिस्टिक्स पार्क 85 एकड़ जमीन पर बना है। पोर्ट के प्रबंधकों का कहना है कि किसानों से कई बार बात की गई, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। इतना ही नहीं यहां कई तरह के काम कांट्रैक्ट पर कराए जा रहे थे, उनके कांट्रैक्ट खत्म हो गए हैं, लेकिन मशीनरी बाहर नहीं आ पा रही है। ड्राई पोर्ट पर पड़ा माल भी खराब हो रहा है। इससे ट्रेड को भी नुकसान है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.