Tokyo Olympics 2020: पंजाब में डिस्कस थ्रोअर कमलप्रीत के गांव में खुशी की लहर, सीएम और पूर्व सीएम बादल ने दी बधाई

गांव कबरवाला की कमलप्रीत कौर डिस्कस थ्रो में फाइनल में पहुंच गई हैं। इसी के साथ गांव कबरवाला में खुशी की लहर फैल गई है। बादल परिवार समेत सभी ग्रामीण किसान परिवार से संबंधित इस महिला खिलाड़ी की उपलब्धि पर फख्र महसूस कर रहे हैं।

Pankaj DwivediSat, 31 Jul 2021 05:20 PM (IST)
गांव कबरवाला में कमलप्रीत कौर के घर पर सुबह से ही बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा। जागरण

संवाद सहयोगी, श्री मुक्तसर साहिब। टोक्यो ओलंपिक में गांव कबरवाला की कमलप्रीत कौर डिस्कस थ्रो में फाइनल में पहुंच गई हैं। इसी के साथ, गांव कबरवाला में खुशी की लहर फैल गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कमलप्रीत को गोल्ड मेडल जीतने के लिए प्रोत्साहित किया है। सभी ग्रामीण किसान परिवार से संबंधित इस महिला खिलाड़ी की उपलब्धि पर फख्र महसूस कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल व पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कमलप्रीत के परिजनों को बधाई दी है। साथ ही उम्मीद जताई कि कमलप्रीत टोक्यो ओलंपिक से स्वर्ण पदक जीतकर ही लौटेगी। गांव में उसके घर पर सुबह से ही बधाइयां देने वालों का तांता लगा रहा।

पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने दी बधाई

पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने खुद फोन करके कमलप्रीत के पिता को बधाई दी। बादल के ओएसडी गुरचरन सिंह व लंबी हलके के वरिष्ठ नेता परमिंदर सिंह कोलियांवाली बादल परिवार की ओर से कमलप्रीत के घर परिजनों को शुभकामनाएं देने पहुंचे और उनका मुंह मीठा कराया। कमलप्रीत के दादा गुरबख्श सिंह, पिता कुलदीप सिंह और मां राजिंदर कौर को बेटी की उपलब्धि पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वह टोक्यो से स्वर्ण जीतकर ही लौटेगी। 

गांव बादल के दशमेश स्कूल में की पढ़ाई

मलोट के गांव कबरवाला की रहने वाली कमलप्रीत कौर का जन्म 4 मार्च, 1996 को हुआ था। उसने अपनी दसवीं तक की पढ़ाई कबरवाला के नजदीकी गांव कटियांवाली के बाबा ईशर सिंह पब्लिक स्कूल में की। स्कूल के एक अध्यापक ने कमलप्रीत की प्रतिभा को पहचाना और खेलों में आगे जाने को प्रोत्साहित किया। इस दौरान कमलप्रीत ने डिस्कस थ्रो जोन लेवस तथा स्टेट लेवल तक खेला। अपनी ट्रेनिंग के लिए उसने गांव बादल के दशमेश स्कूल को चुना, जहां पर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। साथ ही, साथ खेलों को जारी रखा। शिक्षक प्रितपाल कौर तथा उनके पति प्रेमसुख ने कमलप्रीत का हौसला बढ़ाया और खेल प्रतिभा निखारने में मदद की।

इसके बाद शिक्षक राखी त्यागी की देख-रेख में कमलप्रीत ने अपने खेल को और निखारा और पहली बार अंडर 19 में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके बाद कमलप्रीत ने पंजाब यूनिवर्सिटी ब्रांच धूरी से अगली पढ़ाई पूरी की। यहां उसने इंटर कॉलेज गेम में रिकॉर्ड बनाकर अपना नाम रोशन किया। बीए की पढ़ाई के बाद उसे रेलवे में जूनियर क्लर्क के तौर पर पटियाला में नौकरी मिल गई। दो वर्ष बाद उसे सीनियर क्लर्क बनाया गया। यहां पर वह हरियाणा के शक्ति सिंह के संपर्क में आई। उनकी मदद से कमलप्रीत ने ओलंपिक की तैयारी शुरु कर दी।

सीएम और खेल मंत्री से मिली 10-10 लाख की मदद

बता दें कि ओलंपिक में जाने से पूर्व कमलप्रीत कौर को ओलंपिक की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से 10 लाख रुपए तथा खेल मंत्री राणा सिंह सोढी की तरफ से 10 लाख रुपए की सहायता राशि भी मिल चुकी है।

यह भी पढ़ें - जालंधर में साइबर क्रिमिनल्स की एक और करतूत, सेकेंड हैंड कार बेचने के नाम पर फर्जी सैनिक बनकर ठगी

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.