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मुदित मुनि का आयम्बिल तप का 41वां दिन आज

मुदित मुनि का आयम्बिल तप का 41वां दिन आज
Publish Date:Sat, 15 Aug 2020 07:01 PM (IST) Author: Jagran

संस, लुधियाना : एसएस जैन स्थानक 39 सेक्टर में मुनि मायाराम परंपरा के संघशास्ता श्री राम कृष्ण म. एवं आचार्य प्रवर श्री सुभद्र मुनि म. के आज्ञानुवर्ति युवा मुनि तरुण तपस्वी श्री मुदित मुनि ने चातुर्मास काल से चल रही आयम्बिल तप की श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज प्रार्थना सभा में 41वां दिन आयम्बिल तप का पच्चखान, संकल्प ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रार्थना सभा को संबोधित करते श्री मुकेश मुनि ने कहा आयम्बिल तप आराधना में साधक एक बार निरस आहार ग्रहण करते हुए अपनी जिह्म स्वाद के प्रति अपनी इन्द्रियों पर विजय प्राप्त करता है। जो उसके लिए सहज रूप से निरोग जीवन जीने का मार्ग बनता है। आज व्यक्ति के खाने के प्रति अत्याधिक लालसा बनी रहती है।

उन्होंनें कहा कि व्यक्ति होटल व बाजारों का अशुद्ध भोजन खाकर प्रसन्न रहना चाहता है। जो उसकी आत्मा और शरीर के प्रति नुकसान देह है। जीवन जीने के लिए खाना और स्वेच्छा से भोजन का त्याग एवं भूख से कम रचाना तप कहलाता है। तप साधना करने से जहां शरीर निरोग बनता है। वहीं आत्मा के अंदर रहने वाली समस्त बुराई दूर हो जाती है। इस अवसर पर रमेश मुनि ने कहा कि इस संसार में तप करने से, साधक जन्म-2 के पाप कर्मों को जो उसकी आत्मा पर लगे हुए है। उन समस्त पाप कर्मों को तप की अग्नि में जलाकर रास कर देता है। जो उसकी आत्मा के लिए आत्म कल्याण का कारण बनता है। इस अवसर पर सभा प्रधान विनोद जैन, चेयरमैन देवराज जैन, महामंत्री नितिन जैन, संजीव जैन, अभय जैन, अनुप जैन, अनिल जैन, हजारी लाल जैन, महेंद्र पाल जैन, हर्ष जैन, वर्धमान युवक संघ अध्यक्ष आशीष जैन, चंदन बाला युवती संघ की पदाधिकारिणी बहनों में चल रही तप आराधना के प्रति विशेष श्रद्धाभाव व उत्साह से क्षेत्र का वातावरण धर्ममय बन हुआ है।

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