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पंजाब के फतेहगढ़ में रोजा शरीफ में छिपे तीन नामी बदमाश काबू, आतंकियों से संबंध की आशंका

पंजाब के फतेहगढ़ में रोजा शरीफ में छिपे तीन नामी बदमाश काबू, आतंकियों से संबंध की आशंका
Publish Date:Sat, 15 Aug 2020 08:22 AM (IST) Author: Kamlesh Bhatt

जेएनएन, सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब)। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश पुलिस ने फतेहगढ़ साहिब स्थित प्रमुख धार्मिक स्थल रोजा शरीफ में छिपे तीन नामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों सगे भाई हैं और करीब छह दिन से यहां छिपे हुए थे। आरोपित सोहेल खान, इमरान खान व कामरान खान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के मोहम्मद अलीजई (थाना सदर बाजार) के रहने वाले हैं। इनका एक साथी पुलिस की रेड से पहले ही गाड़ी लेकर फरार हो गया।

इन सभी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में फिरौती मांगने के केस दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि तीनों फिरौती की रकम से जम्मू-कश्मीर से हथियार खरीदते थे। आशंका जताई जा रही है कि इनके संबंध आतंकियों से भी हो सकते हैं, क्योंकि ये जम्मू-कश्मीर में बैठे कुछ आपराधिक लोगों के संपर्क में हैं। इस पहलू पर उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस की टीमें मिलकर जांच कर रही हैं।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने रोजा शरीफ के खलीफा से भी पूछताछ की है। रोजा शरीफ उत्तर भारत का प्रमुख धार्मिक स्थल है। पुलिस ने रोजा शरीफ के रेस्ट हाउस का रिकॉर्ड जब्त करते हुए सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी अपने कब्जे में ले ली है।

वारदात के बाद यहीं छिपते थे

आरोपित वारदातों को अंजाम देने के बाद यहां आकर ठहरते थे। शाहजहांपुर पुलिस टीम के सब इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि तीनों को रेस्ट हाउस के कमरे से हिरासत में लिया गया। इसके बाद स्थानीय अदालत से अनुमति मिलने के बाद पुलिस आरोपितों को अपने साथ ले गई। अदालत में पुलिस ने कहा कि तीनों के खिलाफ 19 जुलाई को थाना सदर बाजार में फिरौती मांगने व आइटी एक्ट में दो मामले दर्ज हैं। दिलीप कुमार ने बताया वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी विस्तृत जानकारी देंगे। फतेहगढ़ साहिब के एसएचओ रजनीश सूद ने कहा कि आरोपितों का फतेहगढ़ साहिब से क्या कनेक्शन है, वे कब-कब यहां आए और क्या करते रहे, इसे लेकर जांच की जा रही है।

जांच में सहयोग दे रहे: खलीफा

रोजा शरीफ के खलीफा सैय्यद मोहम्मद सादिक रजा मुजद्दी ने कहा कि तीनों आरोपित नौ अगस्त को यहां आए थे, लेकिन उनके आपराधिक गतिविधि में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं थी। वे रोजा शरीफ में किसी से नहीं मिले। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग दे रहे हैं। 

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