लुधियाना के बड़े अस्पतालों में आक्सीजन की कमी नहीं, छोटे अस्पतालों को कम मिल रही सप्लाई

जिले के सिविल और निजी अस्पतालों में 589 गंभीर मरीज भर्ती हैं।

जिले में अब गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। हालात ये हैं कि इस समय जिले के सिविल और निजी अस्पतालों में 589 गंभीर मरीज भर्ती हैं। गंभीर मरीजों के बढऩे से अस्पतालों में आक्सीजन की खपत बढ़ी है।

Rohit KumarThu, 22 Apr 2021 09:34 AM (IST)

लुधियाना, आशा मेहता। जिले में अब गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। हालात ये हैं कि इस समय जिले के सिविल और निजी अस्पतालों में 589 गंभीर मरीज भर्ती हैं। गंभीर मरीजों के बढऩे से अस्पतालों में आक्सीजन की खपत बढ़ी है। दैनिक जागरण ने पड़ताल की तो पता चला कि फिलहाल सिविल अस्पताल और शहर के किसी बड़े अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। हालांकि छोटे अस्पतालों को कंपनियों से समय पर आक्सीजन की सप्लाई नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों के लिए बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।

बड़े अस्पतालों को मिल रही प्रर्याप्त सप्लाई

- डीएमसी अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. संदीप शर्मा ने कहा कि वहां लेवल-2 व 3 के 225 मरीज हैं। इनके इलाज को लेकर आक्सीजन की कोई कमी नहीं हैं। आक्सीजन को लेकर स्टेट अथारिटी व जिला प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं।

- फोर्टिस अस्पताल की मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. शैली ने बताया कि वहां लेवल-2 व तीन के 46 मरीज हैं। आक्सीजन की कमी नहीं है। जरूरत के मुताबिक सप्लाई मिल रही है।

- सीएमसी अस्प्ताल के डिप्टी मेडिकल सुपिरटेंडेंट डा. अमित गुलरेज ने बताया कि उनके यहां आक्सीजन प्लांट हैं। अभी करीब 90 गंभीर मरीज भर्ती हैं। फिलहाल तो मरीजों के लिए आक्सीजन की कोई कमी नहीं हैं।

छोटे अस्पतालों के मरीजों के लिए हो सकता है संकट

- दीपक अस्पताल के हेड (आपरेशंस) आशीष साहनी ने कहा कि आक्सीजन की शार्टेज चल रही है। हम दो कंपनियों से आक्सीजन सिलेंडर मंगवाते हैं। सुबह आक्सीजन की डिमांड भेजी जाती है, तो कहीं जाकर रात में सप्लाई मिलती है। यही नहीं डिमांड के मुताबिक सिर्फ 60 फीसद ही सप्लाई मिल रही है। डर बना रहता है कि अगर किसी दिन सप्लाई में देरी हो गई तो क्या होगा। एक मरीज को एक घंटे में 15 लीटर आक्सीजन की जरूरत होती है।

- रघुनाथ अस्पताल की एडमिन हेड रणजीत कौर ने कहा कि आक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल रही। आक्सीजन की सप्लाई को लेकर दो वेंडर रखे हैं। दोनों से  प्राब्लम आ रही है। डिमांड से आधी ही सप्लाई मिल पा रही है। कई बार तो इमरजेंसी की स्थिति में दूसरे अस्पतालों से आक्सीजन सिलेंडर मंगवाने पड़ रहे हैं।

- मोहनदेई ओसवाल अस्पताल के हेड (आपरेशंस) योगेंद्र अवधिया ने कहा कि फिलहाल तो आक्सीजन सप्लाई आ रही है। हम जिस कंपनी से आक्सीजन की सप्लाई ले रहे हैं, लेकिन उसमें भी चैलेंज है। सुबह आक्सीजन की सप्लाइ मांगी जाती है, तो शाम को आती है। गंभीर संक्रमित बढ़ते रहे, तो आक्सीजन की समस्या भी आ सकती है।

सिविल अस्पताल में भी स्थिति नियंत्रण में

सिविल अस्पताल में बनाए कोविड आइसोलेशन सेंटर की इंचार्ज डा. हितिंदर कौर ने बताया कि फिलहाल यहां स्थिति नियंत्रण में है। आक्सीजन प्लांट भी अच्छे तरीके से काम कर रहा है। हालांकि जिस हिसाब से गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, आने वाले दिनों में आक्सीजन की उपलब्धता के लिए जरूरी कदम उठाने पड़ सकते हैं।

डीसी बोले- पर्याप्त आक्सीजन है, कोई समस्या नहीं

डीसी वरिंदर शर्मा ने कहा कि आक्सीजन की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त सप्लाई हो रही है। जहां कहीं भी किसी तरह की दिक्कत आती है तो प्रशासन तालमेल कर आक्सीजन की कमी पूरी करेगा।

आक्सीजन की कमी नहीं, फिर भी चेकिंग करवा लेंगे : नोडल अफसर

डिप्टी डायरेक्टर लोकल गवर्नमेंट और जिले में आक्सीजन सप्लाई के नोडल आफिसर अमित भैंबी ने कहा कि जिले में अभी तक किसी भी अस्पताल में आक्सीजन की कमी नहीं है। हमारे पास तो आक्सीजन इतनी है कि हम दूसरे जिले को दे रहे हैं। मंगलवार को हमने जालंधर में आक्सीजन के 175 सिलेंडर भेजे हैंं। अगर कुछ अस्पतालों ने आक्सीजन सप्लाई समय पर न होने को लेकर शिकायत की है, तो टीम भेजकर चेकिंग करवाएंगे।

 

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