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प्रभु के दर्शन की मुराद पूरी, बंदिशों से पूजा सामग्री विक्रेताओं में मायूसी

कृष्ण गोपाल, लुधियाना

सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद अनलॉक-1 में करीब ढाई महीने बाद आठ जून को मंदिरों के कपाट खुलने जा रहे हैं। आखिर उन भक्तों की मुराद पूरी होने जा रही है जो अपने प्रभु के दर्शनों की आस लगाए बैठे हैं। सरकार ने इसके लिए गाइडलाइंस जारी की हैं। हालांकि इसमें कई बंदिशें रहेंगी और इस कारण जिनकी रोजी रोटी पूजा सामग्री बेचने पर चलती है, उन दुकानदारों में मायूसी छा गई है। हालांकि उन्हें भगवान पर भरोसा है कि सरकार ढील बढ़ाएगी तो उनका कारोबार फिर से पटरी पर आने लगेगा।

अब सरकार की तरफ से गाइडलाइंस जारी होते ही सोमवार को शहर के धार्मिक स्थल खुलने जा रहे हैं। सभी धार्मिक स्थलों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिग, सैनिटाइजर रखना अनिवार्य होगा। शहर के श्री दुर्गा मंदिर, सिद्धपीठ दंडी स्वामी, कृष्णा मंदिर, गोबिद गोधाम, इस्कान, वेद मंदिर, साधु आश्रम समेत तमाम मंदिर खोलने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं मंदिरों में पोस्टर लगाकर भक्तों की जानकारी के लिए गाइडलाइंस भी लगाई हैं। श्री दुर्गा माता मंदिर: गाइडलाइंस का पूरा होगा पालन

शहर के सबसे प्राचीनतम श्री दुर्गा माता मंदिर के महासचिव संजय महेंद्रु बंपी ने कहा कि सरकार की गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा। हार, प्रसाद व जल चढ़ाने की मंजूरी नहीं होगी। 5-5 श्रद्धालुओं को अंदर भेजा जाएगा। विग्रह के दर्शन के लिए 5 सेकेंड का समय मिलेगा। उसके पश्चात अगले श्रद्धालु मंदिर में आ सकेंगे। मंदिर के बाहर सरकारों की गाइडलाइंस के अनुसार सैनिटाइजर व कम से कम दो मीटर की दूरी बनाए रखने का इंतजाम होगा। गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब में पैक्ड मिलेगा लंगर

गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार जत्थेदार प्रितपाल सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब ने लॉकडाउन के बीच लोगों को गुरुघरों से जोड़ने के लिए ऑनलाइन सेवा जारी रखी। अब गुरुद्वारा साहिब में पहले ही सैनिटाइजर मशीन लगाई हुई, जो भी संगत आए, उसमें से होकर ही अंदर जाएगी। लंगर की व्यवस्था को लेकर अंदर बैठाने की बजाय लंगर को पैक करके ही श्रद्धालुओं को पहले भी दिया जा रहा था और अब भी ऐसा ही रहेगा। गाइडलाइंस के अनुसार ही सारी व्यवस्था की जाएगी। फूल विक्रेता बोले, पचास फीसद घटा कारोबार

फूल विक्रेता अमित कुमार ने कहा कि लॉकडाउन से पूजा सामग्री की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत की गिरावट आई है। अब मंदिर तो खुलेंगे, लेकिन इस बीच हमारा व्यापार नहीं चल पाएगा। हालांकि अभी लोग घरों में पूजा-पाठ के लिए ही दुकान से सामग्री लेक जाने लगे है, जिससे थोड़ा सा काम शुरू हो गया है। वहीं फूल विक्रेता कृपा शंकर ने कहा कि लॉकडाउन के बीच लोगों से पैसा लेकर निर्वाह किया है। घर की स्थिति बिगड़ी है, मंदिर खोलने के बाद जो पूजा सामग्री नहीं चढ़ेगी, उससे ओर नुकसान उठाना होगा। अगर ऐसे ही हालात रहे, तो इस व्यापार को त्यागना तक पड़ सकता है। अब प्रभु के समक्ष ही प्रार्थना करेंगे।

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