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टैक्स माफ किया 175 रुपये, जुर्माना वसूल रहे दो हजार

टैक्स माफ किया 175 रुपये, जुर्माना वसूल रहे दो हजार
Publish Date:Sun, 12 Jul 2020 08:11 AM (IST) Author: Jagran

राजेश शर्मा, लुधियाना

यह सरकार का गणित हैं। लॉकडाउन पीरियड में कामर्शियल वाहनों का टैक्स माफ कर दिया गया। लेकिन इसकी आड़ में 11 गुणा अधिक जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया। टैक्स भरने आए वाहन मालिकों को दो टूक कह दिया गया कि बिना जुर्माना भरे टैक्स नहीं लिया जाएगा। यानि की ओला बाइक चलाने वाले को लॉकडाउन पीरियड के 57 दिनों की छूट 175 रुपये दी गई जबकि उससे 30 अप्रैल आखिरी तारीख निकल जाने का तर्क देते हुए दो हजार रुपये जुर्माना राशि मांग ली गई। इस अजीबोगरीब तर्क पर कामर्शियल वाहन मालिक कह रहे हैं कि इससे तो अच्छा छूट की बजाए आखिरी तारीख को ही आगे बढ़ा देते तो ठीक था।

यह है मामला

पंजाब सरकार ने 57 दिन का पूर्ण लॉकडाउन रखा। अब चूंकि इस दौरान कामर्शियल वाहन नहीं चले तो सरकार के आदेश पर ट्रांसपोर्ट विभाग ने आदेश जारी कर दिए कि इन 57 दिनों का टैक्स नहीं लिया जाएगा। चूंकि टैक्स क्र्वाटर यानि की तीन महीने के स्लैब के साथ लिया जाता है वह भी अग्रिम तो अप्रैल, मई और जून के क्र्वाटर के टैक्स की आखिरी तारीख थी 30 अप्रैल। नियमानुसार 30 अप्रैल के बाद जो भी वाहन चालक टैक्स जमा करवाता उससे दो हजार रुपये जुर्माना राशि वसूल की जाएगी। बड़ा सवाल यह है कि 30 अप्रैल जो टैक्स भरने की आखिरी तारीख थी उस दिन तो लॉकडाउन के चलते आरटीए कार्यालय भी बंद ही था। अब जो भी कामर्शियल वाहन अप्रैल क्र्वाटर में बचे हुए 33 दिनों का टैक्स भरवाने पहुंच रहे हैं उन्हें दो हजार रुपये जुर्माना साथ में देने की बात की जा रही है। यह भी कहा जा रहा है कि बिना जुर्माने के दिया गया टैक्स कंप्यूटर सिस्टम ही मंजूर नहीं करेगा। यानि कि जुर्माना अदायगी किए बिना टैक्स जमा नहीं होगा। जुर्माना मांग रहे हैं अधिकारी

मैं ओला बाइक चलाता हूं। अप्रैल क्वार्टर में 57 दिन का टैक्स माफ कर दिया गया था। 33 दिन का टैक्स जमा करवाना है। 175 टैक्स है और जुर्माना मांग रहे है दो हजार रुपये। यह तर्क समझ नहीं पाया।

रुपिदर सिंह, ओला बाइक चालक। टैक्स बन रहा है 303 रुपये, जुर्माना दो हजार

उबर टैक्सी का टैक्स जमा करवाना था। 303 रुपये बने। कह रहे हैं जब तक 2 हजार रुपये जुर्माना जमा नहीं करवाते तब तक टैक्स नहीं भरा जाएगा।

अश्विनी सूद उबर टैक्सी चालक। 30 अप्रैल को तो आरटीए कार्यालय भी बंद था

30 अप्रैल तक जब सब कुछ बंद था तो टैक्स जमा कैसे करवाते। ओला बाइक चलाता हूं। टैक्स 175 रुपये तो पेनाल्टी दो हजार रुपये। यह समझ से परे है।

गुरचरण सिंह ओला बाइक चालक। बिना जुर्माना भरे सिस्टम टैक्स ही जमा नहीं लेगा

विभाग ने लॉकडाउन के 57 दिन का टैक्स माफ किया है। जुर्माना माफी संबधी कोई नोटिफिकेशन नहीं आई। बिना जुर्माना भरे साफ्टवेयर टैक्स ही जमा नहीं कर रहा। ऐसे में दो ही रास्ते है। या तो जुर्माना भर दिया जाएगा या फिर विभाग की नोटिफिकेशन का इंतजार किया जाए।

कुलदीप कपूर सेक्शन ऑफिसर रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी।

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