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इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर

इंस्पेक्टरी राज से मुक्ति, नहीं काटने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर
Publish Date:Fri, 14 Aug 2020 06:00 AM (IST) Author: Jagran

जासं, लुधियाना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयकरदाताओं के लिए फ्रेंडली माहौल बनाने के लिए कई सुधारों का एलान किया। इसके तहत इंस्पेक्टर राज को खत्म करने का प्रयास किया गया है और सिस्टम को सरल एवं पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है, ताकि करदाताओं की परेशानियों को कम किया जा सके। इसे लेकर करदाताओं एवं टैक्स माहिरों ने खुशी जाहिर की है। टैक्स प्रोफेशनल ने इससे जहां तकनीकी कार्यप्रणाली को बल मिलने की बात कही है, वहीं उद्यमियों ने कहा है कि इस नई प्रणाली से करदाताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। टैक्स माहिर की नजर से

अब तकनीकी वार्तालाप से ही जांच का हिस्सा बनना पड़ेगा: नितिन महाजन

बाल महाजन एंड कंपनी के पार्टनर सीए नितिन महाजन के मुताबिक प्रधानमंत्री की ओर से आम आदमी के साथ-साथ टैक्स प्रोफेशनल के लिए यह एक अहम कदम उठाया है। इससे अब तकनीकी वार्तालाप के जरिए ही किसी भी तरह की स्क्रूटनी और जांच प्रक्रिया का हिस्सा बनना पड़ेगा। इससे प्रोफेशनलिज्म में और बढ़ोतरी होगी। नई प्रक्रिया के मुताबिक अब केवल ब्लैक मनी और किसी गंभीर केस को छोड़कर अब इन्कम टैक्स के सर्वे या स्क्रूटनी ऑनलाइन किसी भी कार्यालय में दी जा सकेगी। काम में पारदर्शिता आएगी: रचित भंडारी

रचित भंडारी एवं कंपनी के प्रोपराइटर रचित भंडारी के मुताबिक सरकार का यह फैसला देश हित में है और लोगों में इन्कम टैक्स के प्रति डर में कमी आने के साथ पारदर्शिता मिलेगी, सरकार के टैक्स पेयर चार्टर का फैसला हर किसी को पारदर्शी प्रक्रिया का लाभ पहुंचाएगा।

क्या कहते हैं उद्यमी इन्कम टैक्स विभाग और टैक्स पेयर में बढ़ेगा तालमेल

फिडोक ग्रुप के एमडी हेमंत सूद के मुताबिक सरकार का फैसला उद्यमियों को राहत देने वाला है। पहले भी विभाग इस प्रक्रिया पर काम कर रहा था। अब इसे अमलीजामा पहनाने से इन्कम टैक्स विभाग और टैक्स पेयर के बीच आपसी तालमेल बढ़ेगा, जो टैक्स देने के लिए जागरूकता के साथ-साथ करदाताओं में डर को कम करेगा। उद्यमियों की परेशानी कम होगी : उपकार सिंह आहुजा

न्यू स्वान ग्रुप के एमडी उपकार सिंह आहुजा के मुताबिक यह एक प्रशंसनीय कदम है। इसको लेकर उद्यमियों को अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। विभाग के साथ तालमेल भी बढ़ेगा और डिजिटल के दौर में डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन के जरिए उद्यमियों को बार-बार विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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