लुधियाना के मल्हार रोड की खामियां देख केंद्रीय सचिव भी हैरान, निगम कमिश्नर से पूछा यह क्या है?

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के साथ भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य एडवोकेट बिक्रम सिद्धू ने भी मुलाकात की। सिद्धू ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों में हो रही धांधली को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।

Sat, 18 Sep 2021 06:50 AM (IST)
केंद्रीय सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा लुधियाना में अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग करते हुए। (जागरण)

जागरण संवाददाता, लुधियाना। औद्योगिक नगरी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए वर्ष 2017 से चल रहे प्रोजेक्टों की प्रोग्रेस रिपोर्ट लेने शुक्रवार को केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा लुधियाना आए थे। वह सुबह करीब 9 बजे लुधियाना पहुंचे। इसके बाद करीब 11 बजे पीएयू के सटन हाउस में अधिकारियों से बैठक शुरू की। इससे पहले भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण बांसल की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल ने मल्हार रोड को स्मार्ट बनाने के काम में खामियों का पुलिंदा केंद्रीय सचिव को सौंपा। इसमें दैनिक जागरण की ओर से मल्हार रोड को लेकर लगातार प्रकाशित की गई खबरों की प्रतियां संलग्न थी।

मल्हार रोड के निर्माण में खामियों को देखकर केंद्रीय सचिव ने भी हैरानी जताई और उसी समय नगर निगम कमिश्नर से पूछा किया यह क्या है? उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया कि वह इसे चेक करवाएंगे। गौरतलब है कि दैनिक जागरण ने सात से 11 अगस्त तक मल्हार रोड को स्मार्ट रोड बनाने के लिए इसके डिजाइन में खामियां उजागर की थीं। इसमें बताया था कि यह शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक है जो फिरोजपुर रोड को पक्खोवाल रोड से जोड़ती है। इसे स्मार्ट रोड बनाने के चक्कर में कैसे 50 मीटर चौड़ी सड़क को फुटपाथ, साइक्लिंग ट्रैक और पार्किंग बनाने के नाम पर कैसे मात्र 23 मीटर तक समेट दिया गया है। इससे शहरवासी और स्थानीय दुकानदार तक परेशान हैं। सड़क की चौड़ाई आधी से भी कम कर दी अब यू-टर्न पर लंबी कारें एक बार में मुड़ नहीं पाती हैं। चौराहों पर स्लिप वे नहीं बनाना भी इसके डिजाइन में एक बड़ी खामी है।

ज्ञापन सौंपा : चहेतों को दिए कई प्रोजेक्ट, हो रहा भ्रष्टाचार

केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा के साथ भाजपा के प्रदेश कार्यकारी सदस्य एडवोकेट बिक्रम सिद्धू ने भी मुलाकात की। सिद्धू ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्टों में हो रही धांधली को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और इसकी सीबीआइ से जांच और और सीएजी से इसकी रिपोर्ट तैयार करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी के तहत कई प्रोजेक्ट चहेतों को आवंटित किए गए हैं। प्रोजेक्टों में गड़बड़ियों को लेकर कई बार आवाज उठाई गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

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