दरिया में गोबर गिरना बंद न हुआ तो एसटीपी का काम शुरू नहीं होने देंगे

बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त के लिए बनी टास्ट फोर्स के चेयरमैन व श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह दरिया में लगातार गिर रहे गोबर से निगम अफसरों से खफा हैं। उदय सिंह ने निगम कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल को दो टूक कह दिया कि बुड्ढा दरिया में गिर रहा गोबर नहीं रोका तो बल्लोके में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का काम शुरू होने नहीं दूंगा।

JagranWed, 22 Sep 2021 07:58 PM (IST)
दरिया में गोबर गिरना बंद न हुआ तो एसटीपी का काम शुरू नहीं होने देंगे

जागरण संवाददाता, लुधियाना : बुड्ढा दरिया को प्रदूषण मुक्त के लिए बनी टास्ट फोर्स के चेयरमैन व श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु उदय सिंह दरिया में लगातार गिर रहे गोबर से निगम अफसरों से खफा हैं। उदय सिंह ने निगम कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल को दो टूक कह दिया कि बुड्ढा दरिया में गिर रहा गोबर नहीं रोका तो बल्लोके में बन रहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों का काम शुरू होने नहीं दूंगा। उन्होंने कहा कि जब तक दरिया में गोबर गिरना बंद नहीं होता तब तक यह साफ नहीं होगा। चाहे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चला लो या फिर सीईटीपी। इसलिए दरिया में गिर रहे गोबर को रोकने के लिए कोई ठोस योजना तैयार करें। कमिश्नर ने उन्हें कहा कि डेयरियों को शिफ्ट करने के प्रोजेक्ट पर भी अभी बात चल रही है। इस पर सतगुरु उदय सिंह ने कह दिया कि जो भी करना है जल्दी करें, इस तरह हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठा जा सकता।

दरअसल नगर निगम कमिश्नर बुड्ढा दरिया कायाकल्प प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट लेकर टास्क फोर्स के चेयरमैन के पास पहुंचे थे। कमिश्नर ने सतगुरु उदय सिंह को बताया कि उन्होंने कंपनी को जो प्रोग्रेस चार्ट दिया है उसके हिसाब से 30 सितंबर तक 25 फीसद काम किया जाना था, जबकि कंपनी 25 फीसद के करीब काम कर चुकी है। कंपनी के काम पर नजर रखने के लिए बनाई गई मानिटिरिग कमेटी लगातार काम की समीक्षा कर रही है। सतगुरु ने प्रोग्रेस रिपोर्ट पर निगम कमिश्नर व उनकी पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जाए, लेकिन सबसे मूल समस्या है जिसके लिए पहले दिन से निर्देश दिए जा रहे हैं उस पर अभी तक कोई काम नहीं हुआ। जितना गोबर दो साल पहले दरिया में गिर रहा था उतना ही गोबर आज भी गिर रहा है। उन्होंने कहा कि ताजपुर डेयरी कांप्लेक्स व हैबोवाल डेयरी कांप्लेक्स जमालपुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के बाद हैं और बल्लोके सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पहले हैं। अगर डेयरियों का गोबर दरिया में गिरता रहा तो बल्लोके प्लांट चलाने का कोई फायदा नहीं होगा। उस प्लांट को बनाने से सरकार के पैसे की बर्बादी होगी। उन्होंने कमिश्नर को कहा कि डेयरी कांप्लेक्स वालों को चैंज आफ लैंड यूज करने की सुविधा दें और उन्हें कहें कि वो अपने स्तर पर डेयरियां बनाएं। सरकारी तौर पर डेयरी कांप्लेक्स बनाने के प्रोजेक्ट पर लंबा समय लग जाएगा।

भैणी साहिब की संगत ने डेढ़ किलोमीटर दरिया किया था साफ, फिर पीछे से आ गया था गोबर

सतगुरु उदय सिंह को जब सरकार ने टास्ट फोर्स का चेयरमैन बनाया था तब उन्होंने अपनी संगत के साथ दरिया की सफाई शुरू की। संगत ने 1.50 किलोमीटर दरिया को साफ किया, लेकिन पीछे बनी डेयरियों के गोबर से दरिया फिर गंदा हो गया था और उन्होंने सफाई का काम रोक दिया था। तब उन्होंने पीपीसीबी के अफसरों को निगम लिमिट से बाहर की डेयरियों पर कार्रवाई के आदेश दिए थे।

डेयरियों पर कार्रवाई के लिए करते रहे खानापूर्ति

टास्क फोर्स ने जब पीपीसीबी के अफसरों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया तो उन्होंने खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर दी। पीपीसीबी ने डेयरियों के संचालकों को पटियाला तलब किया और डेयरियां सील की। उसके बावजूद डेयरियां चलती रही और गोबर दरिया में गिरता रहा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल भी इस पर सख्त आदेश दे चुका है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.