सहना भी एक साधना है: निगम बोध

संस, लुधियाना: भारत धर्म प्रचारक मंडल द्वारा वेद मंदिर में स्वामी निगम बोध तीर्थ के सानिध्य में कार्तिक कथा का आयोजन किया जा रहा है। सर्वप्रथम आचार्य सत्य नारायण व ब्राह्मण मंडली द्वारा भगवान शिव की आराधना कर सुख व समृद्धि की मंगलमय कामना की। इस अवसर पर आयोजित सत्संग सभा में स्वामी निगम बोध तीर्थ म. ने कहा कि जीवन में थोड़ा सहन करना सीखो। दूसरों को सहने की थोड़ी सी आदत डालो। सहना भी एक साधना है और यह साधना आज के युग में हर एक व्यक्ति में होनी चाहिए। तुम्हारे जीवन में कभी कोई दुख आ जाए तो उसे दुनियां में मत बताना, क्योंकि हर व्यक्ति डाक्टर नहीं होता। जीवन में कोई दुख आ जाए तो दीवार की तरफ मुंह करके चुपचाप रो लेना, भगवान की प्रतिमा के सामने बैठकर आंसु बहा लेना, अपना दुखड़ा, अपनी व्यथा किसी संत मुनि के चरणों में बैठकर सुना आना, लेकिन भूल से भी पड़ोसी को बताने की कोशिश न करना, क्योंकि वह तुम्हारे दुख को कम तो नहीं करेगा, बढ़ा जरुर देगा। स्वामी देवेश्वानंद तीर्थ ने कहा कि संघर्षो का मुकाबला डटकर करना। जब संघर्षों की आंधी चल रही है तो तब भी विश्वास के दीये को जलाए रखना। संकट की घड़ी में अपनी लौ, प्रभु से लगा कर रखना। दुख को भी प्रभु का प्रसाद मानकर सहज स्वीकार कर लेना। प्रभु से हाथ जोड़कर कहना-प्रभु जिसमें तेरी रजा, उसमें मुझको मजा। अगर यह सोच लो तो जीवन में दुख तो यूं ही खत्म हो जाएगी। आधी पीड़ा तो ऐसे ही खत्म हो जाएगी।

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