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लाला जी के पैतृक घर का रखरखाव करेगी सरकार

जासं, जगराओं: पंजाब सरकार दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के पैतृक घर की देखभाल को यकीनी बनाएगी। यह बात मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फेसबुक लाइव सेशन के दौरान शहर के समाजसेवक कमलदीप बांसल के सवाल का जवाब देते हुए कही। सीएम ने कहा कि लाला लाजपत राय के शहर के तालाब वाला मोहल्ला में स्थित पैतृक घर के उचित रखरखाव के लिए वह पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को इस स्थान का दौरा करने के लिए भेजेंगे।

उन्होंने कहा कि शहीद के घर की मौजूदा हालात के बारे में उन्हें पता नहीं है। सरकार शहीद लाला लाजपत राय की इस निशानी को संभाल कर रखेगी। मुख्यमंत्री से सवाल पूछने वाले कमलदीप बांसल ने बताया कि लाला लाजपत राय ने पिता की याद में सन 1913 में जगराओं के एक स्कूल की स्थापना की थी और वह स्कूल आज भी गरीब विद्यार्थियों को शिक्षित कर रहा है। बांसल ने कहा कि लाला जी के घर में जो उनके बर्तन, पंलग, कुर्सी व अन्य सामान है, उनको एक म्यूजियम में रखना चाहिए। बांसल ने मांग की है कि सरकार को पंजाब केसरी लाला लाजपत राय के बलिदान दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह जगराओं में करवाना चाहिए। यह है इतिहास

देश में ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ने वाले मुख्य क्रांतिकारियों में से एक लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। जिला लुधियाना के छोटे से शहर जगराओं के लाला लाजपत राय पंजाब केसरी पंजाब का शेर के नाम से विख्यात थे और गर्म दल के तीन प्रमुख नेताओं लाल-बाल-पाल यानि लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक बिपिन चंद्र पाल में से एक थे। उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक पीएनबी और लक्ष्मी बीमा कंपनी की स्थापना भी की थी। लाला जी ने बहुत से क्रांतिकारियों को प्रभावित किया और उनमें से एक थे शहीद भगत सिंह। वर्ष 1928 में साइमन कमिशन के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में ये बुरी तरह से घायल हो गए और 17 नवंबर 1928 को परलोक सिधार गए।

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