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Coronavirus Effect: खाद्य तेल ने बिगाड़ा रसोई का बजट, रिफाइंड की कीमत प्रति लीटर 50 रुपये बढ़ी

खाद्य तेलों का आयात कम होने से मांग की तुलना में आपूर्ति कम। (सांकेतिक तस्वीर)

Coronavirus Effect छह माह पहले होलसेल मार्केट में पामोलीन आयल की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर थी जो इस वक्त 132 रुपये हो चुकी है। रिफाइंड की कीमत 90 से 140 रुपये प्रति लीटर हो गई है। रिफाइंड सनफ्लावर की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 181 रुपये हो गई है।

Vipin KumarWed, 05 May 2021 07:00 AM (IST)

लुधियाना, [राजीव शर्मा]। Coronavirus Effect: कोरोना की दूसरी लहर में महंगाई ने भी लोगों काे बेहाल कर दिया है। खाद्य तेल की कीमत में तो 80 फीसद तक की बढ़ोतरी दर्ज हो चुकी है। यह हाल तब है जब फरवरी-मार्च में नई फसल आई है। इसके बावजूद सरसों की कीमत कीमत सात हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है। होलसेल में सरसों के तेल का भाव 150 और परचून में करीब 170 रुपये है। व्यापारियों का कहना है कि भारत 60 फीसद खाद्य तेल आयात करता है। इस समय आयात में 25 से 30 फीसद की कमी आई है। जब तक खाद्य तेल का आयात मांग के अनुसार नहीं होता तब तक कीमतें और बढ़ेंगी।

छह माह पहले होलसेल मार्केट में पामोलीन आयल की कीमत 80 रुपये प्रति लीटर थी जो इस वक्त 132 रुपये हो चुकी है। रिफाइंड की कीमत 90 से 140 रुपये प्रति लीटर हो गई है। रिफाइंड सनफ्लावर की कीमत 100 रुपये से बढ़कर 181 रुपये हो गई है। काटन सीड आयल 90 रुपये से उछलकर 152 रुपये तक पहुंच गया है। राइस ब्रान आयल भी 90 से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर को छू गया ह।
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मांग की तुलना में आपूर्ति कम
राइस ब्रान आयल के उत्पादन में विश्व की अग्रणी कंपनी राइसीला फूड्स लिमिटेड के चेयरमैन कम मैनेङ्क्षजग डायरेक्टर डा. एआर शर्मा का कहना है कि खाद्य तेलों की कीमत में बढ़ोतरी अभी जारी रहेगी। बाजार में मांग की तुलना में आपूर्ति कम है। इसके अलावा डालर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है। इसके अलावा कमोडिटी आनलाइन मार्केट में भी निवेशकों ने काफी रकम खाद्य तेलों में निवेश की है। कहीं न कहीं बाजार को सटोरिए भी चला रहे हैं।

सरकार को करना होगा हस्तक्षेप
पंजाब आयल मिल्स एंड ट्रेडर्स एसोसिशन के प्रधान सुशील जैन का कहना है कि सरकार ने सरसों का एमएसपी 4600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। खुले बाजार में सरसों की कीमत सात हजार रुपये है। इस कारण अभी और तेजी आएगी। लोगों को राहत देने के लिए सरकार को हस्तक्षेप करना होगा।

माल की आवक भी कम
प्रमुख रिटेलर रिखी राम नंद लाल के संचालक नवीन अग्रवाल का कहना है कि रिटेल मार्केट में 125 रुपये में मिलने वाला कनौला आयल का रेट अब 175 रुपये प्रति किलो हो गया है। अब भी कीमतों में बढ़त का ही ट्रेंड है। लाकडाउन के कारण माल की आवक काफी कम है। फिलहाल कीमतें कम नहीं होने वाली हैं।
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यह भी हैं अन्य कारण
- चीन ने सोयाबीन और सनफ्लावर के सीड का बड़ी मात्रा में आयात किया है जिस कारण दुनिया के बाजारों में इनके बीज की कमी आ गई।
- सोयाबीन के प्रमुख उत्पादक देश अमेरिका, अर्जेंटीना में मौसम के कारण फसल खराब हुई।
- पाम उत्पादक देश मलेशिया एवं इंडोनेशिया में भी फसल कमजोर रही।
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खाद्य तेल                       छह माह पहले कीमत        अब
पामोलीन आयल                   80 रुपये                     132 रुपये
रिफाइंड सोयाबीन               90 रुपये              140 रुपये रिफाइंड सनफ्लावर      100 रुपये           181 रुपये काटन सीड आयल        90 रुपये              152 रुपये राइस ब्रान आयल            90 रुपये        140 रुपये

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