Punjab Assembly Election 2022: लुधियाना में कांग्रेस एवं शिअद की सरगर्मियां जोरों पर, आप की रफ्तार धीमी

Punjab Assembly Election 2022 कांग्रेस सरकार की तरफ से करनवीर सिंह ढिल्लों को पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कारोपरेशन का डायरेक्टर नियुक्त कर उनका राजनीतिक कद बढ़ाया गया है जिससे टिकट की दावेदारी मजबूत हो सके। कांग्रेस विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों 4 बार विधायक रह चुके हैं।

Tue, 07 Dec 2021 01:29 AM (IST)
विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जहां राजनीतिक दलों की सरगर्मियां बढ़ी। (सांकेतिक तस्वीर)

संसू, श्री माछीवाड़ा साहिब (लुधियाना)। Punjab Assembly Election 2022: पंजाब में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच जहां राजनीतिक दलों में सरगर्मियां बढ़ रही हैं, वहीं नेता भी अपने स्तर पर जोर आजमाइश में जुट गए हैं। चुनावी माहौल में विधानसभा हलका का राजनीतिक अखाड़ा भी गर्माने लगा है। कांग्रेस व अकाली दल की गतिविधियां जोरों पर हैं, परंतु आप की रफ्तार स्पष्ट उम्मीदवार घोषित न होने कारण कुछ धीमी है। क्षेत्र समराला में कांग्रेस विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों 4 बार विधायक रह चुके हैं। इस बार उन का पोता करनवीर ¨सह ढिल्लों कांग्रेस की तरफ से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है।

कांग्रेस सरकार की तरफ से करनवीर सिंह ढिल्लों को पंजाब स्टेट ट्रांसमिशन कारोपरेशन का डायरेक्टर नियुक्त कर उनका राजनीतिक कद बढ़ाया गया है, जिससे टिकट की दावेदारी मजबूत हो सके। क्षेत्र समराला के विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों जहां इलाके के लोगों के साथ दुख-सुख में सांझ बरकरार रखते हैं। वहीं करनवीर  ढिल्लों पिछले एक महीने से गांव-गांव जाकर नौजवानों को खेल किटें बांट सक्रियता दिखा रहे हैं।

कांग्रेस के संभावित उमीदवार करनवीर सिंह ढिल्लों यह दावा कर रहे हैं कि उनकी तरफ से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल दौरान 350 करोड़ रुपये के विकास कार्य क्षेत्र में करवाए गए हैं। बेशक कांग्रेस के ढिल्लों परिवार की टिकट तय मानी जा रही है, परंतु फिर भी माछीवाड़ा इलाके के एक नेता की तरफ से यहां से टिकट की दावेदारी ठोके जाने की चर्चाएं हैं। दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल ने परमजीत सिंह ढिल्लों को अपना उमीदवार ऐलान कर दिया है। वह दिन-रात मेहनत कर गांवों और शहर के वार्डो में जा कर मीटिंग कर अपना चुनाव मैदान तैयार कर चुके हैं।

अकाली दल की तरफ से परमजीत सिंह ढिल्लों को उमीदवार घोषित करने के बाद बेशक पार्टी में काफी उथल-पुत्थल हुई और इस पार्टी के पूर्व विधायक जगजीवन सिंह खीरनियां आप में शामिल हो गए, परन्तु नौजवान नेता परमजीत सिंह ढिल्लों ने क्षेत्र समराला के अकाली नेताओं को अपने साथ जोड़ गांवों में मीटिंगों शुरू की और वर्करों को लामबंद करने में कामयाब होते दिखाई दिए। आप में अंदरूनी गुटबंदी आम आदमी पार्टी की बात करें तो यहां से पूर्व विधायक जगजीवन सिंह खीरनियां मजबूत दावेदार हैं और खीरनियां परिवार पिछले 30 वर्षाें से लोक सेवा में डटे होने के कारण उन की इलाके में अच्छी पैठ भी है।

इलाके में यह चर्चा है कि यदि खीरनियां को आम आदमी पार्टी चुनाव मैदान में उतारती है तो वह कांग्रेस व अकाली दल को जबरदस्त तिकोनी टक्कर दे सकते हैं। बेशक खीरनियां की तरफ से आप में शामिल होने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज की थी, परंतु जब से पार्टी ने सीनियर नेता जगतार सिंह दयालपुरा को आप का हलका इंचार्ज नियुक्त किया तो पार्टी में गुटबंदी सुलगती नजर आई। 2017 की विधानसभा चुनाव लड़ चुके आप नेता सरबंस सिंह माणकी, जिनको क्षेत्र समराला से 40 हजार वोट पड़ी थी, वह हार के बाद सक्रिय नहीं दिखे। ऐसे में फिलहाल आप की गतिविधियां कमजोर हैं।

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