सिविल अस्पताल लुधियाना में लोगों का आरोप- 6 घंटे हो गए साडी बारी नहीं आई, स्टाफ वाले अपणे बंदेयां नू वैक्सीन लगवाई जांदे ने

लुधियाना के सिविल अस्पताल में लोगों ने वैक्सीन ना लगाने का आरोप लगाया है।

लुधियाना के सिविल अस्पताल के परिसर में लोगों ने वैक्सीनेशन न लगाने का आरोप लगाया है। लोगों ने कहा कि अस्पताल के स्टाफ सदस्य अपने साथ तीन चार लोगों को ला रहे हैं जिनको पहले वैक्सीन लगाई जा रही है। वह लोग सुबह से लाइन में खड़े हैं।

Vinay KumarThu, 06 May 2021 06:55 AM (IST)

लुधियाना [आशा मेहता]। 'अस्सीं आपणे कम्म छड्ड के वैक्सीन लगवाउण वासते आए हां। सवेर तों दोपहर हो गई पर साडी बारी नहीं आई। दूजे पासे सफेद कोट ते आई कार्ड पाके आ रहे अस्पताल दे स्टाफ वाले अपने नाल चार-पांच बंदे अंदर लै के जांदे ने ते ओहना दी वैक्सीनेशन करवा के बाहर आ जादें ने। पुलिस वाले भी कुछ नहीं केहंदे। आम लोकां नाल सरासर धक्का है।' यह आरोप बुधवार को सिविल अस्पताल के परिसर में स्थित मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने पहुंचे लोगों ने लगाए।

छह घंटे तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी जब उन्हें वैक्सीन नहीं लगी तो लोगों का सब्र टूट गया। वैक्सीन लगवाने आए कुछ लोग 60 साल से अधिक उम्र के भी थे। लोगों ने लाइन छोड़कर वैक्सीनेशन सेंटर के बाहर तैनात तीन पुलिस मुलाजिमों पर जमकर भड़ास निकाली। लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह नौ बजे 100 लोगों को टोकन बांटे गए। दोपहर ढाई बजे तक कुल 85 लोगों को ही अंदर बुलाकर वैक्सीन लगाई गई। बच गए लोगों को फिर से वैक्सीन के टोकन बांट दिए गए।  


'मैं सुबह नौ बजे आया था। पांच नंबर टोकन मिला था। दोपहर तीन बजे तक वैक्सीन की डोज नहीं लगाई गई। 70 साल से अधिक उम्र है। इतनी देर लाइन में खड़ा नहीं हो पा रहा हूं। हारकर जमीन पर बैठ गया हूं।
- अमरनाथ, ताजपुर रोड।

'मेरी उम्र 65 साल है। सुबह साढ़े नौ बजे अस्पताल आ गई थी। 33 नंबर टोकन दिया गया था। मेरा नंबर नहीं आया। पुलिस मुलाजिमों को कई बार कहा लेकिन उन्होंने उनकी बात ही नहीं सुनी।'
- बलबीर कौर, जनकपुरी।

'मेरी उम्र 70 साल है। मुझे 14 नंबर टोकन 14 दिया गया था। दोपहर तीन बजे तक इंतजार किया कि वैक्सीनेशन के लिए आवाज आएगी। जो लोग बाद में आए, उन्हें पहले वैक्सीन लगा दी गई। बुजुर्गों को वैक्सीन के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
- नसीब कौर, जनकपुरी

'मैं सुबह साढ़े 11 बजे सेकेंड डोज लगवाने आया था। 95 नंबर टोकन दिया गया। टोकन वाले पांच लोगों को अंदर ले जाने के बाद दस लोग सिफारिश वाले अंदर ले जाए जाते। ढाई बजे तक टोकन नंबर 80 वाले की बारी आई थी। जो पहले आए उन्हें पहले वैक्सीन लगनी चाहिए।  
- बलबीर सिंह, जमालपुर।

'मैं दिव्यांग हूं। मेरी उम्र 62 साल है। सुबह 11 बजे पति के साथ अस्पताल आ गई थी। दोपहर के तीन बज गए लेकिन वैक्सीन नहीं लगाई गई। अस्पताल स्टाफ आता है और पुलिसकर्मी के कान में कुछ कहकर पांच से छह लोग अंदर लेकर चला जाता है। सिफारिशी लोगों को स्टाफ वैक्सीन लगवा रहा है।
- वर्षा रानी, शिवाजी नगर

  

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