दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

पंजाब में ऑक्सीजन संकट बना चुनौती, खाली सिलेंडरों की कमी Oxygen उत्पादन में बनीं बाधा

खाली सिलेंडर न होने से ऑक्सीजन उत्पादन में बाधा। सांकेतिक फोटो

पंजाब में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके कारण में ऑक्सीजन की डिमांड भी बढ़ रही है। आने वाले दिनों में राज्य को ऑक्सीजन संकट का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल खाली सिलेंडर न मिलना भी चुनौती है।

Kamlesh BhattSun, 09 May 2021 09:28 AM (IST)

जेएनएन, चंडीगढ़/फतेहगढ़ साहिब। कोरोना महामारी के बीच देश में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मची हुई है। पंजाब में भी ऑक्सीजन को लेकर स्थिति किसी भी समय बिगड़ सकती है। स्टोरेज की क्षमता और सिलेंडरों की कमी इसकी बड़ी वजह बनकर उभरी है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी की पहली लहर के बाद ऑक्सीजन की स्टोरेज, टैंकरों और सिलेंडरों की व्यवस्था करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त समय था, लेकिन सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने में पूरी तरह से नाकाम रही।

वर्तमान में पंजाब को रोज केवल इतनी ऑक्सीजन ही मिल पा रही है कि जरूरत पूरी हो सके। देश में लंबे समय से इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि देश में किसी भी समय कोरोना की दूसरी लहर आ सकती है, परंतु  सरकार ने ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने और इसकी स्टोरेज पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण पंजाब में अब स्थिति बिगड़ती जा रही है। यहां तक कि सिलेंडर न होने की कारण पंजाब में ऑक्सीजन का घरेलू उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।

यह भी पढ़ें:  हरियाणा में टेस्ट कराने वाला हर चौथा व्यक्ति कोरोना संक्रमित, 14667 नए मरीज मिले, 155 की मौत

इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि खाली सिलेंडर न मिलने के कारण जिले में लोहा नगरी मंडी गोबिंदगढ़ के पांच प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। यहां से अभी हर रोज 25 से 28 टन मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकता है लेकिन अभी केवल 21 19 टन उत्पादन ही हो रहा है, जबकि उद्योगपतियों का कहना है कि अगर स्टोरेज के लिए सिलेंडर मिलें तो वह रोजाना आठ से नौ टन और ऑक्सीजन का उत्पादन कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें: कोरोना हाटस्पाट बना लुधियाना व मोहाली, पंजाब में पहली बार एक दिन में मिले 9100 संक्रमित

इस मामले को लेकर सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने खुद राज्य में ऑक्सीजन की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि हमने केंद्र से रिजर्व कोटा बढ़ाने की मांग की है ताकि अगर किसी दिन बाहर से आने वाली ऑक्सीजन तकनीकी कारणों से पंजाब न पहुंच पाए तो इससे कोई बड़ा नुकसान न हो। इस समय पंजाब में ऑक्सीजन की मांग 300 टन पार हो चुकी है।

यह भी पढ़ें: हरियाणा में 6,000 कैदियों की रिहाई की तैयारी, घर-घर जाकर कोरोना मरीजों को तलाशेंगी 8,000 टीमें

समय रहते पंजाब में अपना उत्पादन न बढ़ाने के सवाल पर सिद्धू ने कहा कि केंद्र ने छह महीने से हमें अमृतसर और पटियाला में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाने की अनुमति नहीं दी है। पहली लहर में रोजाना तीन हजार तक मरीज सामने आ रहे थे लेकिन अब यह संख्या छह से सात हजार प्रतिदिन है। ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की मांग में बढ़ोतरी हुई है। 

यह भी पढ़ें: नवजोत सिंह सिद्धू फिर हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पर आक्रामक, सीएम का वीडियो शेयर कर साधा निशाना

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.