Punjab Politics: कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की डबल गेम, पढ़ें लुधियाना की और राेचक खबरें

Punjab Politics नवजोत सिंह सिद्धू अपने भाषणों और मुद्दों से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को मात देने का मौका नहीं छोड़ते। चुनाव से पहले सिद्धू लोकप्रियता हासिल कर पार्टी हाईकमान को अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं रहते।

Vipin KumarPublish:Tue, 07 Dec 2021 09:26 AM (IST) Updated:Tue, 07 Dec 2021 09:26 AM (IST)
Punjab Politics: कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की डबल गेम, पढ़ें लुधियाना की और राेचक खबरें
Punjab Politics: कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू की डबल गेम, पढ़ें लुधियाना की और राेचक खबरें

लुधियाना, [भूपेंदर सिंह भाटिया]। Punjab Politics: भले ही अभी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का चेहरा घाेषित नहीं किया है, लेकिन नवजोत सिद्धू अपने भाषणों और मुद्दों से मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को मात देने का मौका नहीं छोड़ते। चुनाव से पहले सिद्धू लोकप्रियता हासिल कर पार्टी हाईकमान को अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं रहते। सिद्धू को सूचना मिली कि दिल्ली के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के निवास पर धरना देने वाले हैं तो सिद्धू भी आनन-फानन में धरनास्थल पर पहुंच गए।

धरने को संबोधित करते हुए जहां उन्होंने केजरीवाल को ललकार हाईकमान को एक संदेश देने का प्रयास किया, वहीं पंजाब में शिक्षकों की समस्याओं को उभारते हुए अपनी ही सरकार पर कटाक्ष करने से नहीं चूके। उन्होंने शिक्षकों को यहां तक कहा कि पंजाब में उनके लिए वह अपनी सरकार से भी लड़ जाएंगे। कुल मिलाकर नवजोत सिंह सिद्धू यहां भी अपनी डबल गेम खेल गए।

नेताओं को मौसम का खौफ

लुधियाना में सत्ताधारी दल के नेताओं में इन दिनों मौसम का काफी खौफ दिख रहा है। ऐसा इसलिए नहीं कि चुनाव से पहले उनके प्रचार में किसी तरह का विघ्न पड़ेगा, बल्कि उनके विधानसभा हलके में चल रहे विकास कार्य प्रभावित होने का डर है। इन दिनों सभी कांग्रेस विधायकों के हलकों में सड़कों का निर्माण कार्य जोरों से चल रहा है। जिस दिन अधिकतम तापमान 20 डिग्री से कम हुआ, उसी दिन सड़क निर्माण पर ब्रेक लग जाएगी और चुनाव से पहले अपने क्षेत्र को दुरुस्त करने के उनके इरादों पर पानी फिर जाएगा। इतना ही नहीं, शहर में कई इलाकों में चल रहे अन्य विकास कार्यों की धीमी गति से भी नेताजी परेशान हैं। उन्हें उम्मीद थी कि चुनाव से पहले विकास कार्य पूरे कर जनता का दिल जीत लेंगे और इसका क्रेडिट लेंगे, लेकिन शहर के बड़े प्रोजेक्ट चुनाव से पहले पूरे होते नजर नहीं आ रहे।

हमारे मुख्यमंत्री ताे आलराउंडर है

पंजाब के शिक्षक यूनियनों के इंटरनेट पर बने पेजों पर आजकल मुख्यमंत्री छाए हुए हैं। शिक्षकों ने कटाक्ष करते हुए पोस्ट किया है कि हमारे मुख्यमंत्री तो आलराउंडर हैं। उन्हें दूध भी दोहना भी आता है और आटो भी चला लेते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पटाखे तक बेचे हैं। हालांकि उन्हें शिक्षकों की बात समझ नहीं आ रही हैं, क्योंकि वह मास्टर नहीं रहे। ऐसा नहीं है कि मुख्यमंत्री पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन वे शिक्षकों की बात समझना नहीं चाहते। शिक्षकों का कहना है कि मुख्यमंत्री एक ओर हर वर्ग की समस्याओं और लंबित मांगों को हल करने के लिए दनादन घोषणाएं कर रहे हैं, लेकिन जिन शिक्षकों को वह पहले ही रेगूलर कर चुके हैं, उनकी मूल समस्या उन्हें समझ ही नहीं आ रही। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि काफी समय पहले रेगूलर किए शिक्षकों का वेतनमान आज तक कोई तय ही नहीं कर पाया।

अब पार्षद होने लगे अनियंत्रित

राजनीति भी बड़ी अजीब चीज है। चुनाव सिर पर आते ही नेताओं के रंग बदल जाते हैं। ऐसा ही आजकल लुधियाना में दिख रहा है। कभी विधायक के आगे-पीछे रहने वाले पार्षद अब अनियंत्रित होकर नखरे दिखाने लगे हैं। उसका एक बड़ा कारण है कि उनके पास विकल्प मौजूद हैं। लुधियाना पूर्वी के कुछ पार्षदों की अपने ही विधायक के साथ आजकल बन नहीं रही है। कल तक वह अपने विधायक के हर निर्देश का पालन करते हैं, लेकिन उन्हें अहसास हो गया कि अगले निगम चुनाव में विधायक उनकी टिकट काट सकते हैं। बस इतना अहसास होते ही वह आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों के साथ चलने लगे हैं। इतना ही नहीं, अपने समर्थकों को आप में शामिल भी करवा रहे हैं। उनका कहना है कि विधायक उनकी टिकट काटने में लगे हैं तो उन्हें अपना इंतजाम तो करना ही होगा। आखिर उन्हें भी तो सिस्टम में रहना है।