जागरण संवाददाता, लुधियाना। यार्न सेक्टर की अग्रणी कंपनी गंगा एक्रोवूल लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत तंदरूस्ती पर फोकस कर रहा है। इसके अलावा पर्यावरण संभाल, खेलों को प्रोत्साहित करना, ग्रामीण विकास को भी तवज्जो दी जा रही है। सेहत सेवाओं को उम्दा बनाने में कंपनी ने हमेशा ही आगे बढ़ कर आर्थिक सहयोग किया है। इसके अलावा शहर के विभिन्न चौराहों को खूबसूरती प्रदान करने में भी कंपनी की भूमिका सराहनीय रही। सेहत एवं खूबसूरती के साथ-साथ अब कंपनी शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने की रणनीति पर भी फोकस कर रही है।

गंगा एक्रोवूल के प्रेसिडेंट (कमर्शियल) अमित थापर ने कहा कि सीएसआर के तहत कंपनी ने कई प्रोजेक्ट हाथ में लिए हैं और इससे जन कल्याण को लेकर बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। हालांकि स्कूलों में भी आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है, लेकिन आने वाले वक्त में इस क्षेत्र को एजेंडे पर रखा जाएगा। कंपनी का मकसद आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए आगे बढ़ कर काम करना है। गंगा एक्रोवूल ने सीएसआर के तहत पंजाब स्टेट कैंसर एंड ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में 25 लाख रुपये का योगदान किया है। ताकि सूबे में आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर सेहत सेवाएं मुहैया कराने में मदद मिल सके।

इसके अलावा ऑटिज्म (एक तरह की डिसेबिलिटी) बीमारी से पीड़ित बच्चों के इलाज के लिए भी कंपनी लगातार आर्थिक सहयोग कर रही है। तारे जमीं पर फिल्म इसी बीमारी पर आधारित बच्चों पर बनी थी। इसके लिए अरूणिमा प्रोजेक्ट के तहत सीएमसी को आर्थिक मदद की जा रही है। ताकि बच्चों का इलाज सही ढंग से हो सके। साथ ही इस बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक करने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस बीमारी पर कंपनी दिसंबर माह के अंत में बैंगलूरू में विश्व स्तरीय कांफ्रेंस करवाने जा रही है, इसमें दक्षिण अफ्रीका से विश्व विख्यात माहिर आएंगे और बीमारी की बारीकियां, इलाज के बारे में अपडेट करेंगे। संगरूर में बने टाटा मेमोरियल यादगारी अस्पताल का सेंटर खोलने में आर्थिक सहयोग किया। इससे इलाके के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिल रही हैं।

गंगा एक्रोवूल ने शहर की सुंदरता के लिए तीन चौराहों को स्वच्छ भारत अभियान के तहत सुंदर बनाने की दिशा में भी अहम योगदान किया है। इनमें सुभानी बिल्डिंग चौक, बाबा थान सिंह चौक एवं डिवीजन नंबर तीन चौक शामिल हैं। इनकी देखरेख का जिम्मा भी कंपनी उठा रही है। ग्रामीण इलाकों में खेलों को प्रोत्साहन करने के मकसद से गांव कोट सेखों की ग्राम पंचायत को भी आर्थिक मदद दी गई। इससे गांवों के युवाओं को खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर मिला और उनका रूझान खेलों की तरफ हुआ। इसके अलावा गांव जसपालो के सरकारी प्राइमरी स्कूल में अध्यापकों का वेतन, बच्चों की पुस्तकें एवं बैग का भी खर्च उठाया गया। गंगा एक्रोवूल ने जिला प्रशासन के दफ्तरों में लाखों रुपये के आर्थिक सहयोग से कई इक्विपमेंट मुहैया कराए हैं। ताकि लोगों को बेहतर सरकारी सेवाएं मिल सकें। अमित थापर का कहना है कि कंपनी सीएसआर के तहत कमजोर वर्ग के कल्याण के लिए वचनबद्ध है और इस दिशा में बेहतर तरीके से काम किया जा रहा है।