मन युवा होगा, तभी आनंद मिलेगा : राम नारायण

मन युवा होगा, तभी आनंद मिलेगा : राम नारायण

श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा मे रास महाराज की दार्शनिक व्याख्या करते हुए कथा व्यास डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा रास शरद पूर्णिमा की रात्रि को हुआ।

JagranFri, 26 Feb 2021 06:09 PM (IST)

संस, लुधियाना : वेद निकेतन धाम पब्लिक चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती की अध्यक्षता में वेद निकेतन धाम में चल रही आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा मे रास महाराज की दार्शनिक व्याख्या करते हुए कथा व्यास डा. राम नारायण त्रिपाठी ने कहा रास शरद पूर्णिमा की रात्रि को हुआ। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के बहुत पास होता है। चंद्रमा मन का प्रतीक है। मन युवा होगा। तभी भक्ति में आनंद मिल सकेगा। शरद पूर्णिमा आत्मा के स्वच्छता का प्रतीक है, जिसमे भगवन की पुकार सुनी जा सक्ती है जिन गोपियों का मन कृष्ण ने आकर्षित कर लिया है। वे बंसी सुन आधी रात में पहुंच गई। किन्तु अभिमान हुआ गोपियो को तो भगवान अंतध्र्यान हो गए। गोपियों ने अंतर हृदय से रोया जो भागवत का सार है।

साध्वी सुमेधा भारती, साध्वी सुगीता भारती, स्वामी अमिता भारती, स्वामी चैतन्य भारती, स्वामी गुरु प्रिया भारती, स्वामी श्रेया भारती, स्वामी सुकुर्ति भारती ने गुरु महिमा का गुणगान किया। इस अवसर पर इंद्र मोहन जैन, अनिल जैन टोनी, सुंदर दास मोंगा, रमन जैन, साहिल खुराना आदि शामिल थे।

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