Pitru Paksha 2021: जिन्हें अपने पूर्वजों के निधन की तिथि नहीं पता, वे आश्विन अमावस्या को करें श्राद्ध

Pitru Paksha 2021 पूर्णिमा से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलते हैं। पितृ पक्ष 20 सितंबर सोमवार को शुरू होकर छह अक्टूबर बुधवार तक रहेंगे।

Mon, 20 Sep 2021 06:33 AM (IST)
पितृ पक्ष 20 सितंबर सोमवार को शुरू होकर छह अक्टूबर बुधवार तक रहेंगे।

लुधियाना, [कृष्ण गोपाल]। Pitru Paksha 2021: पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पितृपक्ष में पिंडदान और श्राद्ध करने की परंपरा काफी पुरानी है। हिंदू धर्म में पितरों को श्रद्धापूर्वक किए गए तर्पण को श्राद्ध कहा जाता है। अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश उत्सव के समापन के बाद पूर्णिमा से पितृपक्ष प्रारंभ हो जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्राद्ध पक्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक कुल 16 दिनों तक चलते हैं। इस बार पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष 20 सितंबर सोमवार को शुरू होकर छह अक्टूबर बुधवार तक रहेंगे।

तिथि को भूलने वाले आश्विन अमावस्या को करे श्राद्ध ज्योतिषाचार्य डा. पुनीत गुप्ता के अनुसार जिस व्यक्ति की मृत्यु किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष की या कृष्ण पक्ष की जिस तिथि को होती है, उसका श्राद्ध कर्म पितृपक्ष की उसी तिथि को ही किया जाता है। शास्त्रों में यह भी विधान दिया गया है कि यदि किसी व्यक्ति को अपने पूर्वजों के देहांत की तिथि ज्ञात नहीं है तो ऐसे में वे इन पूर्वजों का श्राद्ध कर्म आश्विन अमावस्या को कर सकते हैं। इसके अलावा अकाल मृत्यु या किसी दुर्घटना का शिकार हुए व्यक्ति का श्राद्ध चतुर्दशी तिथि को किया जाता है।

श्राद्ध करने का शुभ समय

पंडित अजय वशिष्ठ के मुताबिक दोपहर का समय श्राद्ध का शुभ माना गया। दिन में 11.36 से दोपहर 12.24 मिनट तक का समय श्राद्ध कर्म के विशेष शुभ होता है। इस समय को कुतप काल कहते हैं। श्राद्ध करते समय सबसे महत्वपूर्ण मन के श्रद्धा भाव है। इसके साथ ही किसी सुयोग्य विद्वान ब्राह्मण के जरिए ही श्राद्ध कर्म (पिंडदान, तर्पण) करवाना चाहिए। इस दौरान किसी गरीब, जरूरतमंद की सहायता जरूर करें। साथ ही गाय, कुत्ते, कौवे के लिए भी भोजन का एक अंश जरूर रखें।

अमावस्या श्राद्ध छह अक्टूबर को

ज्योतिषाचार्य नीतिश वर्मा के अनुसार 20 सितंबर से श्राद्ध कर सकेंगे। इस साल 26 सितंबर को श्राद्ध तिथि नहीं है। इसके अलावा 21 सितंबर से पहला श्राद्ध आरंभ होगा, जो छह अक्टूबर को संपन्न होगा। छह अक्टूबर को अमावस्या श्राद्ध का पूजन किया जाएगा।

यह भी पढ़ें-लुधियाना के Mayor बलकार संधू ने हाट मिक्स प्लांट वेलफेयर सोसायटी में की सेंधमारी, कांट्रेक्टर से शुरू करवाया काम

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.