शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक पाठयक्रम भी शामिल करें : जितेंद्र जैन श्रमण

आत्म पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को आचार्य सम्राट श्री आत्माराम जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई गई। समारोह में मुख्य मेहमान श्री दित्मू बावा जैन गादिया टोमरी के निर्देशक जितेंद्र जैन सुरेश जैन सहित डा. रविदर कोचर लार्ड महावीरा होम्योपैथी एंड अस्पताल ज्ञानचंद डा. सुनील चनोत्रा प्रधानाचार्य लार्ड महावीरा होम्योपैथी एंड अस्पताल प्रधानाचार्य आत्म विद्या मंदिर अंजू बाला आत्म नर्सरी स्कूल प्रधानाचार्य संजना अरोड़ा पूर्व प्रधानाचार्य उमा सदावर्ती संजीव जैन मधु जैन स्कूल निर्देशक डा. बीडी बुद्धिराजा स्कूल प्रधानाचार्य वंदना सेठी विशेष रूप से शामिल हुए।

JagranSat, 18 Sep 2021 07:42 PM (IST)
शिक्षण संस्थाओं में धार्मिक पाठयक्रम भी शामिल करें : जितेंद्र जैन श्रमण

संस, लुधियाना : आत्म पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में शनिवार को आचार्य सम्राट श्री आत्माराम जी महाराज की पुण्यतिथि मनाई गई। समारोह में मुख्य मेहमान श्री दित्मू बावा जैन गादिया टोमरी के निर्देशक जितेंद्र जैन, सुरेश जैन सहित डा. रविदर कोचर लार्ड महावीरा होम्योपैथी एंड अस्पताल, ज्ञानचंद, डा. सुनील चनोत्रा प्रधानाचार्य लार्ड महावीरा होम्योपैथी एंड अस्पताल, प्रधानाचार्य आत्म विद्या मंदिर अंजू बाला, आत्म नर्सरी स्कूल प्रधानाचार्य संजना अरोड़ा, पूर्व प्रधानाचार्य उमा सदावर्ती, संजीव जैन मधु जैन, स्कूल निर्देशक डा. बीडी बुद्धिराजा, स्कूल प्रधानाचार्य वंदना सेठी विशेष रूप से शामिल हुए।

कार्यक्रम शुभारंभ नवकार मंत्र के उच्चारण से हुआ। स्कूल की अध्यापिकाओं ने भजन गायन के माध्यम से आत्मा राम महाराज की जीवनी पर प्रकाश डाला। अध्यापिका सपना ने अपने भाषण द्वारा आत्माराम जी महाराज के जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान 11वीं कक्षा की छात्रा अर्शदीप ने अंग्रेजी कविता के माध्यम से अपने भावों को व्यक्त किया। स्कूल के निर्देशक डा. बुद्धिराजा ने आत्मा राम जी के जीवन पर बताते हुए कहा कि कालचंक्र का प्रभाव केल शरीर तक ही सीमित है, वाणी पर नहीं। साथ ही उन्होंने आत्म राम जी के साहित्यिक तथा अलौकिक शक्तियों से परिचित करवाया। इस दौरान सायशा जैन, परमिदर सिंह ने भजनों से आए श्रेताओं को मंत्र मुंग्ध कर दिया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य वंदना सेठी, जितेंद्र जैन श्रमण ने आचार्य सम्राट आत्माराम जी महाराज व डा. शिव मुनि महाराज के जन्म दिवस पर बधाई देते हुए उनके जीवनी से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों को शिक्षा संस्थानों में धर्म का विषय भी पाठयक्रम में सम्मिलित किया जाना चाहिए। स्कूल के प्रबंधक संजीव जैन आत्मा ने महाराज की शिक्षाएं बताते हुए कहा कि न तपना है न तपाना है, बदले की भावना को त्याग कर जीवन यापन करना। अपने गुरु के प्रति सौ प्रतिशत समर्पण श्रेष्ठ मानव की पहचान है। इस दौरान जिला स्तर व राज्य स्तर पर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान वाले विद्यार्थियों को ईनामी पुरस्कार राशि दी गई है।

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