लुधियाना के मेयर व कमिश्नर चेन्नई में सीख रहे कूड़ा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कलेक्शन से लेकर सेकेंडरी डंप व नाइट स्वीपिंग का लिया जायजा

लुधियाना के मेयर कमिश्नर ने टीम के साथ चेन्नई नगर निगम के कूड़ा प्रबंधन की जानकारी ली। वहां डोर टू डोर कलेक्शन से लेकर सेकेंडरी डंप व नाइट स्वीपिंग का जायजा लिया। अधिकारी चेन्नई में किए गए प्रबंधों पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।

Vinay KumarFri, 18 Jun 2021 09:34 AM (IST)
लुधियाना के मेयर चेन्नई में सीखेंगे कूड़ा प्रबंधन।

लुधियाना, जेएनएन। लुधियाना में कूड़ा प्रबंधन में सुधार करने के तरीके तलाश करने मेयर बलकार सिंह संधू निगम कमिश्नर और पार्षदों के साथ इन दिनों चेन्नई में हैं। वीरवार को मेयर, कमिश्नर ने टीम के साथ चेन्नई नगर निगम के कूड़ा प्रबंधन की जानकारी ली। वहां डोर टू डोर कलेक्शन से लेकर सेकेंडरी डंप व नाइट स्वीपिंग का जायजा लिया। अधिकारी चेन्नई में किए गए प्रबंधों पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उन्हें लुधियाना में लागू किया जाएगा। चेन्नई में 100 फीसद डोर टू डोर कलेक्शन होता है। इसके लिए वहां की नगर निगम ने तीन हजार ई रिक्शा लगाए हैं। शहर की सफाई के लिए करीब 3600 स्वीपिंग मशीनें हैं। मशीनों से नाइट स्वीपिंग होती है। इससे सुबह शहर पूरी तरह साफ दिखता है। बाजारों में डस्टबिन लगाए गए हैं।

दरअसल, लुधियाना नगर निगम शहर में कूड़ा प्रबंधन के लिए निजी कंपनी को हायर करने जा रहा है। इससे पहले टीम चेन्नई में काम कर रही कंपनी की कारगुजारी को देखने गई है। टीम में मेयर के अलावा कमिश्नर प्रदीप सभ्रवाल, सीनियर डिप्टी मेयर शाम सुंदर मल्होत्रा, जगदेव सिंह सेखों, रजिंदर सिंह, डा. जय प्रकाश, विपुल मल्होत्रा और अश्वनी सहोता आदि शामिल हैं।

कांग्रेस सेवादल ने महंगाई के खिलाफ किया प्रदर्शन

दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही मंहगाई के खिलाफ वीरवार को पंजाब कांग्रेस सेवा दल के प्रधान निर्मल सिंह कैड़ा व पंजाब प्रभारी बलविंदर सभ्याल की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किया गया। कैड़ा व सभ्याल ने सम्बोधित करते हुए कहा कि आज देश में मंहगाई मोदी सरकार की जन विरोधी नीतियों की वजह से आसमान को छूने लगी है। उन्होंने कहा कि जिस दिन से मोदी सरकार ने देश में केन्द्रीय सत्ता की कमान संभाली है, तब से लेकर आज तक पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में कई गुणा इजाफा हो चुका है। जिससे आज रोजाना इस्तेमाल में आने वाली वस्तुओं की कीमतों में उछाल आ गया है। हर घर का बजट डगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का इस समय केवल एक ही ऐजंडा है कि देश के बड़े औद्योगिक घरानों को किस तरह अधिक से अधिक मुनाफा पहुंचा जाए। उसको सामने रख कर ही मोदी सरकार द्वारा नीतियां बनाई जा रही हैं। जिससे आज हालात यह हो गए हैं कि गरीब और गरीब व अमीर और अमीर हो रहा है।

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